Zaggle Prepaid Ocean Services ने Daimler India Commercial Vehicles के साथ **3 साल** का एक बड़ा समझौता किया है। इस पार्टनरशिप के ज़रिए Zaggle अपनी फ्लीट सोल्यूशन सर्विसेज DICV के पार्टनर्स को देगी, जिससे कंपनी का B2B2C मॉडल अब कमर्शियल व्हीकल सेक्टर में भी बढ़ेगा। हालांकि, इस डील से होने वाले फायनेंशियल असर पर फिलहाल ज़्यादा जानकारी नहीं है।
Detailed Coverage
Zaggle Prepaid Ocean Services ने Daimler India के साथ मिलाया हाथ
Zaggle Prepaid Ocean Services Ltd. ने Daimler India Commercial Vehicles Private Limited (DICV) के साथ 3 साल की एक स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की है। इस डील के तहत, Zaggle अपनी 'Zaggle Zatix' और 'कॉर्पोरेट क्रेडिट कार्ड प्रोग्राम' जैसी सर्विसेज DICV के नेटवर्क में मौजूद फ्लीट पार्टनर्स को ऑफर करेगी।
क्यों है ये डील अहम?
यह पार्टनरशिप Zaggle के लिए कमर्शियल व्हीकल सेक्टर में एक बड़ी एंट्री का मौका है। एक बड़े ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर के फ्लीट पार्टनर्स को फिनटेक सोल्यूशन देकर, कंपनी का लक्ष्य नए सेक्टर में अपनी पैठ बढ़ाना और ट्रांजेक्शन नेटवर्क को मज़बूत करना है। Zaggle अपने B2B2C बिज़नेस मॉडल को आगे बढ़ाते हुए इस खास सेक्टर में अपनी क्षमता साबित करना चाहती है।
आगे क्या होगा?
अगले 3 सालों में, Zaggle अपने 'Zaggle Zatix' और 'कॉर्पोरेट क्रेडिट कार्ड प्रोग्राम' को DICV के फ्लीट ऑपरेशन्स में इंटीग्रेट करेगी। इसका मकसद DICV के फ्लीट पार्टनर्स और ड्राइवर्स के बीच इन सर्विसेज को अपनाने और इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
इन बातों का रखना होगा ध्यान
इस एग्रीमेंट से होने वाली कमाई सीधे तौर पर इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने फ्लीट पार्टनर्स और ड्राइवर्स को सफलतापूर्वक जोड़ा जाता है और वे तय किए गए पॉइंट्स पर कितना खर्च करते हैं। ऐसे में, इस डील से तुरंत होने वाले रेवेन्यू इम्पैक्ट का अंदाज़ा लगाना मुश्किल है। DICV के फ्लीट पार्टनर्स की ओर से इस पार्टनरशिप को सफल बनाना बेहद ज़रूरी होगा।
भविष्य में क्या देखें?
इन्वेस्टर्स अब DICV के फ्लीट पार्टनर्स और ड्राइवर्स के ऑनबोर्डिंग की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखेंगे। साथ ही, उनके खर्च करने के पैटर्न पर भी ध्यान दिया जाएगा। इस पार्टनरशिप से होने वाले ट्रांजेक्शन वॉल्यूम और रेवेन्यू में वृद्धि, सफलता के महत्वपूर्ण संकेतकों के रूप में देखे जाएंगे।
