Xpro India के बोर्ड ने प्रति शेयर ₹2 के डिविडेंड की सिफारिश की है और कंपनी ने अपनी क्षमता को दोगुना करके 8,000 MT कर दिया है। हालांकि, फॉरेक्स नुकसान और बढ़ी लागत के कारण FY26 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू 5.6% गिर गया और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में 30.3% की गिरावट आई है।
Xpro India के FY26 के नतीजे
ऑपरेटिंग रेवेन्यू: ₹505.49 करोड़
प्रॉफिट आफ्टर टैक्स: ₹30.52 करोड़
क्या हुआ?
Xpro India Ltd ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजों की घोषणा की है। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू पिछले वित्त वर्ष के ₹535.28 करोड़ की तुलना में 5.6% घटकर ₹505.49 करोड़ हो गया। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में 30.3% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो ₹43.81 करोड़ (FY 2024-25) से घटकर ₹30.52 करोड़ रह गया। इस मुनाफे में गिरावट का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा (Forex) में हुए नुकसान और बढ़ी हुई लागतें थीं। कंपनी ने ₹11.14 करोड़ का अनरियलाइज्ड ट्रांसलेशन लॉस (INR में कमजोरी के कारण यूरो-लिंक्ड देनदारियों पर) और नई लेबर कोड लागू होने के बाद ₹1.39 करोड़ की अतिरिक्त कॉस्ट दर्ज की है।
क्यों महत्वपूर्ण है?
आर्थिक मंदी के बावजूद, कंपनी ने एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि हासिल की है। बारजोरा में नई डाइइलेक्ट्रिक फिल्म लाइन के चालू होने से भारत में कंपनी की उत्पादन क्षमता दोगुनी होकर 8,000 MT सालाना हो गई है। यह विस्तार EV और पावर कैपेसिटर जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टरों को लक्षित करेगा। कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, FY 2025-26 के लिए प्रति शेयर ₹2.00 के डिविडेंड की भी सिफारिश की है।
आगे क्या?
कंपनी अपनी बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता के साथ भविष्य के विकास के लिए तैयार है। नई डाइइलेक्ट्रिक फिल्म लाइन से भविष्य में रेवेन्यू में बढ़ोतरी की उम्मीद है। नेतृत्व में भी बदलाव होने वाला है, श्री गिरीश बेहल 1 जनवरी, 2027 से श्री सी. भास्कर के उत्तराधिकारी के रूप में मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभालेंगे।
किन जोखिमों पर नजर रखें?
बाहरी भू-राजनीतिक जोखिम, विशेष रूप से पश्चिम एशियाई संघर्ष, यूएई सहायक परियोजना को प्रभावित कर सकते हैं और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, कोएक्स (Coex) डिवीजन रेफ्रिजरेटर की घटती मात्रा के दबाव का सामना कर रहा है, जो उपभोक्ता मांग से जुड़ा हुआ है।
