Xpro India के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर (FY26) उतार-चढ़ाव भरा रहा। कंपनी का मुनाफा 30.34% घटकर ₹30.52 करोड़ रह गया, जिसका मुख्य कारण फॉरेक्स लॉस (forex losses) और कुछ पुराने खर्चे थे। हालांकि, इस दौरान कंपनी ने अपनी डाइइलेक्ट्रिक फिल्म की कैपेसिटी को दोगुना कर दिया है।
Xpro India के नतीजे: मुनाफा घटा, लेकिन कैपेसिटी बढ़ी
Xpro India Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹30.52 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹43.81 करोड़ की तुलना में 30.34% की गिरावट है। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू भी 5.56% घटकर ₹505.49 करोड़ रहा। PBIDT में 5.55% की कमी आई और यह ₹67.44 करोड़ रहा, मार्जिन पर कंपीटिटिव दबाव साफ दिखा।
मुनाफे में गिरावट के पीछे क्या?
मुनाफे में यह कमी मुख्य रूप से कुछ नॉन-ऑपरेशनल अकाउंटिंग एडजस्टमेंट की वजह से आई। इनमें यूरो-लिंक्ड देनदारियों पर ₹11.14 करोड़ का अनरियलाइज्ड ट्रांसलेशन लॉस और नए लेबर कोड से जुड़े ₹1.39 करोड़ के पास्ट सर्विस कॉस्ट शामिल हैं। इन सब के बावजूद, कंपनी ने एक नई लाइन शुरू करके अपनी भारतीय डाइइलेक्ट्रिक फिल्म कैपेसिटी को दोगुना कर 8,000 MT/annum तक पहुंचा दिया है।
कंपनी का बैकस्टोरी और फ्यूचर प्लान
यह फाइनेंशियल ईयर Xpro India के लिए बड़ा निवेश लेकर आया। कंपनी ने 27 मार्च 2026 को बारजोरा में अपनी नई डाइइलेक्ट्रिक फिल्म लाइन शुरू की, जिससे डोमेस्टिक कैपेसिटी दोगुनी हो गई। वहीं, UAE की सब्सिडियरी, Xpro Dielectric Films FZ-LLC, अभी प्री-रेवेन्यू फेज में है और अब तक ₹16.73 करोड़ का डेफिसिट झेल चुकी है।
नई कैपेसिटी से भविष्य में वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद है, खासकर इलेक्ट्रिफिकेशन और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर्स में। मैनेजमेंट सावधानी बरत रहा है लेकिन भू-राजनीतिक जोखिमों और इनसे जुड़े फ्रेट व एनर्जी कॉस्ट के उतार-चढ़ाव से निपटना होगा।
बोर्ड ने FY26 के लिए ₹2.00 प्रति शेयर का डिविडेंड देने की सिफारिश की है। साथ ही, लीडरशिप में भी बदलाव की योजना है, जिसमें श्री गिरीश बेहल 1 जनवरी 2027 से मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभालेंगे।
किन जोखिमों पर रहेगी नजर?
मुनाफे की स्थिरता एक चिंता का विषय बनी हुई है। भू-राजनीतिक जोखिम, खासकर पश्चिम एशिया का संघर्ष, एनर्जी और फ्रेट कॉस्ट को बढ़ा सकता है, जिससे लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल खर्चों पर असर पड़ेगा।
भविष्य में क्या देखें?
निवेशक नई डाइइलेक्ट्रिक फिल्म कैपेसिटी के प्रदर्शन और कंपनी द्वारा ग्लोबल कॉस्ट प्रेशर को संभालने के तरीके पर बारीकी से नजर रखेंगे। लीडरशिप में बदलाव और UAE सब्सिडियरी की प्रगति भी महत्वपूर्ण होगी।
