Worth Peripherals ने इंदौर में अपने नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी Worth Wellness Private Limited को ₹20 करोड़ का लोन देने और ₹30 करोड़ के लोन को इक्विटी में बदलने का भी ऐलान किया है।
Worth Peripherals Limited ने अपने ग्रोथ प्लान को आगे बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश के इंदौर में अपने नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। यह कंपनी के लिए एक बड़ा कदम है।
क्या हुआ है?
कंपनी की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, Worth Wellness Private Limited, ने 1 अगस्त, 2026 से इंदौर स्थित अपने नए प्लांट में प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। यह प्लांट भारत की सबसे बड़ी कोरुगेटेड पैकेजिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में से एक बताया जा रहा है, जो ऑटोमेशन और सस्टेनेबिलिटी सिस्टम से लैस है।
इसके साथ ही, कंपनी के बोर्ड ने सब्सिडियरी की फंड की जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹20 करोड़ का इंटर-कॉर्पोरेट लोन मंजूर किया है। साथ ही, सब्सिडियरी को दिए गए ₹30 करोड़ के मौजूदा लोन को इक्विटी में बदल दिया गया है। इसके तहत 60,00,000 इक्विटी शेयर ₹50 प्रति शेयर के भाव पर अलॉट किए गए हैं।
कंपनी ने RS Mantri & Associates को अगले 5 सालों के लिए सेक्रेटेरियल ऑडिटर भी नियुक्त किया है।
क्यों है यह अहम?
इंदौर प्लांट के चालू होने से Worth Peripherals की प्रोडक्शन कैपेसिटी और मार्केट रीच में बढ़ोतरी की उम्मीद है, खासकर कोरुगेटेड पैकेजिंग सेक्टर में। सब्सिडियरी को दिया गया फाइनेंशियल सपोर्ट और डेट-टू-इक्विटी कन्वर्जन, उसकी फाइनेंशियल पोजीशन को मजबूत करेगा और बड़े ऑपरेशन्स को सक्षम बनाएगा। यह सब कंपनी के कन्सॉलिडेटेड फाइनेंशियल परफॉरमेंस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
आगे क्या?
नए प्लांट के चालू होने से Worth Peripherals अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाकर रेवेन्यू ग्रोथ को गति दे सकती है। सब्सिडियरी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर मजबूत होने से उसकी ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी। निवेशकों की नजर अब इस नए प्लांट से कंपनी की कमाई पर पड़ेगी।
