Windsor Machines ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1 FY27) के लिए दमदार रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है, जो बढ़कर ₹331.65 करोड़ पहुंच गया है। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी अभी भी घाटे में है।
कारोबार में तेजी, लेकिन मुनाफे की तलाश
कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए राजकोट, गुजरात में लगभग 49,214 वर्ग मीटर गैर-कृषि भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ₹35 करोड़ का निवेश करेगी। कंपनी अब अपने पुराने प्लांट्स (वटवा और छतराल) से ऑपरेशंस को समेटकर राजकोट में शिफ्ट करने की योजना बना रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
सितंबर 2026 को समाप्त हुई छमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹331.65 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹249.97 करोड़ था। हालांकि, टॉप-लाइन में सुधार के बावजूद, कंपनी को ₹6.18 करोड़ का नेट लॉस झेलना पड़ा है। स्टैंडअलोन आधार पर बात करें तो कंपनी को ₹4.65 करोड़ का घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹4.29 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया गया था।
जोखिम और चुनौतियां
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'प्रॉफिटेबिलिटी' है। ट्रांजिशन खर्च और ऊंचे ऑपरेटिंग कॉस्ट ने मार्जिन पर दबाव डाला है। इसके अलावा, कंपनी ने इन्वेंट्री लेवल बढ़ने के कारण ₹143.88 करोड़ का नेगेटिव कैश फ्लो रिपोर्ट किया है। फिलहाल कंपनी के पास ₹250.08 करोड़ की ऐसी संपत्तियां हैं जिन्हें 'बिक्री के लिए रखा गया है' (held for sale), जो प्लांट शिफ्टिंग की प्रक्रिया को दर्शाती हैं।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस में बदलाव
बिजनेस विस्तार के साथ-साथ कंपनी अपनी गवर्नेंस को भी मजबूत कर रही है। 3 नवंबर 2026 से प्रभावी एक नई 'रिस्क मैनेजमेंट कमेटी' का गठन किया गया है और चार मौजूदा बोर्ड कमेटियों का पुनर्गठन किया गया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कब तक यह नया राजकोट फैसिलिटी कंपनी को वापस मुनाफे में लाने में सक्षम होता है।
