Welspun Enterprises ने शानदार तिमाही नतीजे पेश किए हैं। Q2 FY27 में कंपनी का मुनाफा बढ़कर **₹296 करोड़** पहुंच गया है, जिसमें एसेट डिवेस्टमेंट से मिला **₹194 करोड़** का मुनाफा भी शामिल है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Welspun Enterprises ने सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए जबरदस्त आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 32% बढ़कर ₹1,035 करोड़ हो गया है। मुनाफे में आई इस बड़ी तेजी के पीछे मुकरबा चौक-पानीपत हाईवे प्रोजेक्ट में 51% हिस्सेदारी बेचना मुख्य कारण रहा है। अगर इस वन-टाइम गेन को हटा दें, तो कंपनी का कोर ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹841 करोड़ के आसपास रहा है।
रेटिंग अपग्रेड और मजबूती
कंपनी के लिए सबसे बड़ी खबर CRISIL द्वारा दी गई रेटिंग अपग्रेड है। लंबी अवधि की क्रेडिट रेटिंग को 'AA-' से बढ़ाकर 'AA' (स्टेबल) कर दिया गया है। यह अपग्रेड कंपनी की बेहतर फाइनेंशियल सेहत और कम वित्तीय जोखिम का सबूत है।
ऑर्डर बुक और भविष्य की राह
कंपनी की ऑर्डर बुक अब ₹18,708 करोड़ की हो गई है। सब्सिडियरी कंपनी Welspun Michigan Engineers ने ₹428 करोड़ के नए प्रोजेक्ट हासिल किए हैं। साथ ही, Oil & Gas वर्टिकल में Adani Welspun Exploration को DGH से ONGC की सुविधाओं के इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है, जिससे कंपनी के कैपिटल खर्च (CapEx) का रिस्क कम हो गया है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
फिलहाल कंपनी के पास ₹1,432 करोड़ की मजबूत लिक्विडिटी मौजूद है और H1 FY27 का EBITDA मार्जिन 32.4% रहा है, जो मैनेजमेंट के अनुमान से बेहतर है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मौजूदा तिमाही मुनाफे में एकमुश्त कमाई का बड़ा हिस्सा शामिल है। अब असली परीक्षा कंपनी के मौजूदा ऑर्डर बुक को समय पर पूरा करने और गैस एक्सप्लोरेशन से कैश फ्लो जेनरेट करने की होगी।
