Welspun Corp को क्रेडिट रेटिंग एजेंसी CARE Ratings ने CARE AA+ की मजबूत रेटिंग दी है। कंपनी के पास ₹25,750 करोड़ का दमदार ऑर्डर बुक है और कंपनी नेट कैश पोजीशन में आ गई है, जो इसकी मजबूत वित्तीय सेहत का संकेत है।
Welspun Corp की क्रेडिट रेटिंग बरकरार, मजबूत ऑर्डर बुक और शानदार वित्तीय स्थिति
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी CARE Ratings ने Welspun Corp Ltd की लॉन्ग-टर्म (दीर्घकालिक) क्रेडिट रेटिंग को स्टेबल आउटलुक के साथ CARE AA+ पर बरकरार रखा है। वहीं, शॉर्ट-टर्म (अल्पावधि) रेटिंग को भी CARE A1+ पर री-अफर्म किया गया है। यह रेटिंग कंपनी की मजबूत बिजनेस और वित्तीय प्रोफाइल को दर्शाती है।
निवेशकों के लिए अच्छी खबर
कंपनी ने FY2026 के लिए ₹16,749 करोड़ का कुल ऑपरेटिंग इनकम और ₹2,207 करोड़ का PBILDT (ब्याज, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले का लाभ) दर्ज किया है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी 31 मार्च, 2026 तक ₹202 करोड़ की नेट कैश पोजीशन हासिल करने में कामयाब रही। यह स्थिति कंपनी के कर्ज से बाहर निकलने और नकदी में आने का संकेत है, जो वित्तीय प्रबंधन में सुधार और जोखिम में कमी लाता है।
₹25,750 करोड़ के ऑर्डर का विजन
Welspun Corp के पास 27 जुलाई, 2026 तक ₹25,750 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है। यह ऑर्डर बुक अगले 18-24 महीनों के लिए कंपनी को अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करती है, खासकर अमेरिका में हाई-मार्जिन वाली लाइन पाइप बिजनेस से। FY2026 में, कंपनी का टोटल ऑपरेटिंग इनकम ₹13,948 करोड़ (FY2025) से बढ़कर ₹16,749 करोड़ हो गया। इसी तरह, PBILDT भी ₹1,655 करोड़ से बढ़कर ₹2,207 करोड़ हो गया। FY2026 के लिए नेट प्रॉफिट (PAT) ₹1,620 करोड़ रहा, हालांकि यह FY2025 के ₹1,902 करोड़ से थोड़ा कम है। कंपनी का PBILDT प्रति टन ₹14,413 (FY2026) रहा, जो FY2025 के ₹11,922 से बेहतर है।
आगे की राह और जोखिम
कंपनी की ₹3,766 करोड़ की नकदी और निवेश का बैलेंस, बाजार की अस्थिरता के खिलाफ एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है। अमेरिका में लाइन पाइप ऑर्डर से मिलने वाला मार्जिन FY2027 और FY2028 तक कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को बढ़ाने की उम्मीद है।
हालांकि, कंपनी के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय ऑयल एंड गैस सेक्टर पर 50% से अधिक की निर्भरता है, जो इसे कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अन्वेषण खर्च के चक्रों के प्रति संवेदनशील बनाता है। इसके अलावा, डोमेस्टिक DI पाइप्स सेगमेंट को प्राइसिंग प्रेशर और जल जीवन मिशन जैसे प्रोजेक्ट्स को प्रभावित करने वाले फंडिंग में देरी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
