Welcast Steels ने बेंगलुरु स्थित अपने एकमात्र मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को स्थायी रूप से बंद कर दिया है। कंपनी ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए **₹0** रेवेन्यू दर्ज किया है और **₹0.72 करोड़** का शुद्ध घाटा हुआ है। इस फैसले के बाद कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' स्थिति पर सवाल उठ गए हैं।
परिचालन बंद, अब सिर्फ संपत्ति की बारी
Welcast Steels Ltd. ने 15 दिसंबर 2025 को अपने बेंगलुरु प्लांट में सभी उत्पादन गतिविधियों को बंद कर दिया है। कंपनी के लाइसेंस और बिजली कनेक्शन भी सरेंडर कर दिए गए हैं। मैनेजमेंट का कहना है कि प्लांट को दोबारा चालू करने की कोई योजना नहीं है। नतीजतन, कंपनी को अब 'नॉन-गोइंग कंसर्न' (Non-going concern) के तौर पर वर्गीकृत किया गया है।
निवेशकों के लिए बड़े मायने
इस प्लांट बंदी का मतलब है कि Welcast Steels अब एक एक्टिव बिजनेस के तौर पर नहीं, बल्कि संपत्ति बेचने वाली कंपनी के रूप में देखी जाएगी। कंपनी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह अपनी बची हुई संपत्तियों का कितना प्रभावी ढंग से प्रबंधन करती है और उन्हें बेच पाती है।
वित्तीय नतीजों पर असर
वित्तीय रिपोर्टें अब 'नॉन-गोइंग कंसर्न' आधार पर तैयार की जा रही हैं। इसका मतलब है कि संपत्तियों का मूल्यांकन उनकी बिक्री लागत घटाकर उचित मूल्य पर किया जा रहा है, और देनदारियों का मूल्यांकन अपेक्षित निपटान मूल्यों पर। तिमाही के लिए संचालन से रेवेन्यू ₹0 रहा। कुल आय ₹1.68 करोड़ थी, जो मुख्य रूप से होल्डिंग कंपनी AIA Engineering Limited से प्राप्त 'अन्य ऑपरेटिंग इनकम' से आई है। कुल खर्च ₹2.40 करोड़ रहे, जिससे ₹0.72 करोड़ (या ₹71.90 लाख) का शुद्ध घाटा हुआ। बेसिक ईपीएस (EPS) (₹11.27) रहा।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को लंबित श्रम विवादों और होल्डिंग कंपनी AIA Engineering Limited द्वारा Welcast Steels की संपत्तियों के परिसमापन (liquidation) को लेकर लिए जाने वाले किसी भी रणनीतिक फैसले पर करीब से नजर रखनी चाहिए। ऑडिटर्स ने भी अपने रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया है कि परिचालन बंद होने का संपत्ति और देनदारियों के मूल्यांकन पर असर पड़ा है।
