Walchandnagar Industries ने सितंबर तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने पिछले साल के भारी घाटे से उबरते हुए **₹0.47 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, वहीं रेवेन्यू में **80.6%** का दमदार उछाल देखने को मिला है।
मुनाफे की पटरी पर कंपनी
Walchandnagar Industries के लिए सितंबर तिमाही शानदार रही है। कंपनी ने ₹0.47 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹11.90 करोड़ का नुकसान हुआ था। कंपनी का कुल रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 80.6% बढ़कर ₹93.53 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। छमाही नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी ₹0.17 करोड़ के मुनाफे में आ गई है, जो पिछले साल की पहली छमाही में ₹22.29 करोड़ के घाटे में थी।
बिज़नेस का जोर
हेवी इंजीनियरिंग डिवीज़न कंपनी के लिए मुख्य कमाई का जरिया बना हुआ है, जिसने तिमाही के दौरान ₹70.59 करोड़ का टर्नओवर दिया है। वहीं, फाउंड्री और मशीन शॉप सेगमेंट ने भी ₹1.50 करोड़ का योगदान देकर कंपनी की ओवरऑल रिकवरी में मदद की है।
कर्ज और जोखिम पर नजर
निवेशकों को कंपनी के कर्ज पर खास ध्यान देना होगा। सितंबर के अंत तक, कंपनी पर ₹50.12 करोड़ का नॉन-करंट और ₹195.72 करोड़ का करंट कर्ज है। मुनाफे को बरकरार रखने के साथ इस कर्ज को मैनेज करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा, इथियोपिया में कंपनी का एक छोटा ऑपरेशन है, जिसके एसेट्स ₹0.87 करोड़ के हैं, जो ऑडिट रिव्यू के दायरे से बाहर हैं।
आगे क्या होगा?
आने वाली तिमाहियों में हेवी इंजीनियरिंग सेगमेंट के मार्जिन पर नजर रखना जरूरी है। इसके साथ ही, ESOP स्कीम 2020 के तहत जारी किए गए 61,472 शेयरों का असर और कर्मचारी लाभ लागत (Employee benefit cost) पर भी निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
