Vivanta Industries का बड़ा ऐलान: FY26 में मुनाफा, EV चार्जिंग में करेगी निवेश
Vivanta Industries Ltd ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्त वर्ष (Financial Year) और चौथी तिमाही के ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने पूरे साल के लिए नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया है, जो सालाना लाभप्रदता (Profitability) में वापसी का संकेत देता है। इसके साथ ही, कंपनी ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) और संबंधित एनर्जी सॉल्यूशंस (Energy Solutions) के बिज़नेस में उतरने का बड़ा फैसला लिया है।
क्या हुआ ख़ास?
Vivanta Industries ने Q4 FY26 में ₹0.49 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू (Standalone Revenue) और पूरे वित्त वर्ष में ₹43.53 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। वहीं, FY26 का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) ₹250.09 करोड़ रहा। स्टैंडअलोन बेसिस पर, कंपनी को Q4 FY26 में ₹0.67 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ, लेकिन पूरे साल के लिए ₹0.41 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल किया। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट FY26 में ₹0.60 करोड़ रहा, जबकि Q4 में ₹0.80 करोड़ का घाटा हुआ।
कंपनी के बोर्ड ने EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सॉल्यूशंस के बिज़नेस में उतरने की मंजूरी दे दी है। FY26-27 के लिए M/s. Dharti Shah & Co. को इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) और CS Devang Shah को IEPF कोऑर्डिनेशन (Coordination) के लिए नोडल ऑफिसर (Nodal Officer) नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, 560 शेयरों के डुप्लीकेट शेयर सर्टिफिकेट (Duplicate Share Certificate) जारी करने की भी मंजूरी मिली है।
क्यों है ये ज़रूरी?
सालाना मुनाफे में वापसी कंपनी के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल टर्नअराउंड (Financial Turnaround) साबित हो सकती है। EV चार्जिंग सेक्टर में उतरना सरकार के सस्टेनेबल मोबिलिटी (Sustainable Mobility) पर बढ़ते फोकस के अनुरूप है और कमाई का एक नया जरिया खोल सकता है। हालांकि, लगातार हो रहे तिमाही घाटे (Quarterly Losses) परिचालन संबंधी चुनौतियों (Operational Challenges) और रेवेन्यू में अस्थिरता (Revenue Volatility) की ओर इशारा करते हैं, जिन पर ध्यान देने की ज़रूरत है।
आगे क्या?
निवेशकों को कंपनी की EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बिज़नेस स्थापित करने की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, लगातार तिमाही मुनाफा कमाने की क्षमता और नए बिज़नेस वर्टिकल (Business Vertical) के लिए होने वाले पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
जोखिम?
इस सेक्टर में कॉम्पिटिशन (Competition) काफी ज़्यादा है और नई कंपनी के लिए बाज़ार में अपनी जगह बनाना एक चुनौती हो सकती है। इसके अलावा, कैपिटल की कमी (Capital Constraints) और तिमाही नतीजों में दिख रही अस्थिरता भी मुख्य जोखिम (Risks) हैं।
