Vivanta Industries का EV चार्जिंग में प्रवेश
Vivanta Industries Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे साल के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। Q4 FY26 में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹0.49 करोड़ रहा, जबकि ₹0.67 करोड़ का घाटा दर्ज किया गया। वहीं, कंसॉलिडेटेड (समेकित) आधार पर, इस तिमाही में रेवेन्यू ₹38.25 करोड़ था और घाटा ₹0.80 करोड़ रहा।
नई दिशा, नई उम्मीदें
नुकसान के बावजूद, कंपनी के बोर्ड ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और संबंधित एनर्जी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में उतरने को मंजूरी दे दी है। यह कदम भविष्य में विकास की नई राहें खोल सकता है, खासकर जब भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
जहां EV सेक्टर में प्रवेश एक सकारात्मक कदम है, वहीं तिमाही में हुआ घाटा निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। investors को कंपनी के नए वेंचर के शुरुआती खर्चों और लाभ कमाने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी होगी। कंपनी ने FY 2026-27 के लिए M/s. Dharti Shah & Co. को अपना इंटरनल ऑडिटर और CS Devang Shah को IEPF नोडल ऑफिसर नियुक्त किया है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट की रफ्तार, लागत प्रबंधन और भविष्य के वित्तीय नतीजों पर ध्यान देना होगा ताकि इस विविधीकरण (diversification) का कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर समझा जा सके।
