Vivaa Tradecom ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें मुनाफे में **16%** की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का मुनाफा घटकर **₹0.64 करोड़** रह गया, जबकि आय मामूली रूप से घटकर **₹284.86 करोड़** रही। इस बीच, कंपनी MDF बोर्ड ट्रेडिंग के क्षेत्र में विस्तार कर रही है और एक राइट्स इश्यू (Rights Issue) लाने की भी योजना है।
###Vivaa Tradecom के FY26 नतीजों पर एक नज़र
Vivaa Tradecom Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की है। कंपनी की कुल आय पिछले वर्ष के ₹287.51 करोड़ की तुलना में 0.92% घटकर ₹284.86 करोड़ दर्ज की गई। वहीं, कर पश्चात लाभ (PAT) में 16.11% की गिरावट आई और यह ₹0.76 करोड़ से घटकर ₹0.64 करोड़ हो गया। प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹1.93 से गिरकर ₹1.62 रही।
क्यों है ये अहम?
कंपनी अपने पारंपरिक टेक्सटाइल और गारमेंट ट्रेडिंग व्यवसाय से आगे बढ़कर राजस्व के नए स्रोत बनाने के लिए मीडियम डेंसिटी फाइबर (MDF) बोर्ड की ट्रेडिंग और वितरण (Distribution) में रणनीतिक रूप से कदम रख रही है। इस पहल के तहत, कंपनी ने Rushil Décor Limited के साथ साझेदारी की है। इसके अलावा, Vivaa Tradecom फंड जुटाने और उधार लेने व निवेश की सीमाओं को बढ़ाने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगने की प्रक्रिया में है, जिसके लिए एक राइट्स इश्यू (Rights Issue) लाया जाएगा।
कंपनी की पुरानी कहानी
Vivaa Tradecom मुख्य रूप से टेक्सटाइल और गारमेंट ट्रेडिंग के क्षेत्र में सक्रिय रही है। FY26 के वित्तीय प्रदर्शन में इसके मुख्य व्यवसाय में मामूली संकुचन दिखाई दे रहा है। MDF बोर्ड में विविधीकरण (Diversification) नए बाजार अवसरों का लाभ उठाने और एकल क्षेत्र पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी अब कई राज्यों में फैले अपने मौजूदा वितरण नेटवर्क के माध्यम से MDF बोर्ड बाजार में सक्रिय रूप से उतरेगी। प्रस्तावित राइट्स इश्यू विस्तार के लिए पूंजी प्रदान करेगा, जबकि बढ़ी हुई उधार सीमाएं वित्तीय लचीलापन (Financial Flexibility) प्रदान करेंगी। शेयरधारक जल्द ही इन कॉर्पोरेट पहलों पर अपना वोट डालेंगे।
जोखिमों पर नज़र
कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditor) ने कंपनी की भौतिक संपत्तियों, जिसमें स्टॉक और नकदी शामिल है, के लिए अपर्याप्त बीमा कवरेज (Inadequate Insurance Coverage) को लेकर चिंता जताई है। इसके अतिरिक्त, ₹0.44 करोड़ की विवादित कर देनदारी (VAT/CST) अपीलीय न्यायाधिकरण (Appellate Tribunal) में लंबित है, जो एक संभावित वित्तीय जोखिम प्रस्तुत करती है।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को MDF बोर्ड ट्रेडिंग पहल की सफलता और राजस्व व मुनाफे में इसके योगदान पर नज़र रखनी चाहिए। राइट्स इश्यू का परिणाम और विवादित कर देनदारी का समाधान भी भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण कारक होंगे।
