इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी Vishnu Prakash R Punglia ने FY26 के लिए निराशाजनक नतीजे पेश किए हैं। सरकारी पेमेंट साइकल में देरी के कारण कंपनी को **₹1,501 मिलियन** का घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹586 मिलियन** के मुनाफे में थी।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में बड़ी गिरावट
कंपनी का रेवेन्यू 31.2% गिरकर ₹8,511.95 मिलियन पर आ गया है। साल-दर-साल आधार पर देखें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट जो पहले ₹585.96 मिलियन था, अब ₹1,501.16 मिलियन के बड़े घाटे में तब्दील हो गया है। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी गिरकर (9.65)% के नेगेटिव स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल 12.56% था।
क्यों बिगड़े हालात?
सरकारी एजेंसी से पेमेंट मिलने में देरी इस संकट की मुख्य वजह है। कलेक्शन डेज बढ़कर 277 दिन तक पहुंच गए हैं, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट पर भारी दबाव है। लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए प्रमोटर्स ने ₹2,996.33 मिलियन का ब्याज-मुक्त लोन दिया है, जिसके लिए उन्होंने अपनी हिस्सेदारी का 19.18% हिस्सा भी बेचा है।
ऑडिटर की चिंताएं
ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर सवाल उठाए हैं। साथ ही, GST, प्रोविडेंट फंड और ESI जैसे सरकारी बकायों में देरी की भी पुष्टि की गई है। कंपनी को जयपुर–सवाई माधोपुर रेल प्रोजेक्ट रद्द होने के कारण ₹99.64 मिलियन का एक्सेप्शनल लॉस भी हुआ है।
अब आगे क्या?
कंपनी ने कर्ज कम करने पर ध्यान दिया है और करीब ₹3,400 मिलियन की बैंक सुविधाएं चुकाई हैं। निवेशकों की नजर अब ₹43,910.9 मिलियन की मजबूत ऑर्डर बुक को पूरा करने की रफ्तार और 'जल जीवन मिशन 2.0' से आने वाले कैश फ्लो पर टिकी है।
