Vishal Bearings ने FY26 के रिवाइज्ड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹87.94 करोड़** रहा है। अच्छी बात यह है कि कंपनी का घाटा पिछले साल के **₹2.59 करोड़** से घटकर **₹0.71 करोड़** रह गया है, लेकिन ऑडिटर्स ने सॉफ्टवेयर सिस्टम में गंभीर कमियां निकाली हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की स्थिति
कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू FY26 में ₹87.94 करोड़ दर्ज किया गया है, जो FY25 में ₹86.64 करोड़ था। कंपनी का नेट लॉस घटकर ₹0.71 करोड़ पर आ गया है, जो पिछले साल ₹2.59 करोड़ था। यह संकेत है कि ऑपरेशनल स्तर पर रिकवरी हो रही है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और जोखिम
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय इंडिपेंडेंट ऑडिटर की रिपोर्ट है। ऑडिटर ने कंपनी के इंटरनल कंट्रोल में 'मटेरियल वीकनेस' (Material Weakness) की बात कही है। कंपनी के पेरोल, इनवॉइस बिलिंग और इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर में 'ऑडिट ट्रेल्स' या एडिट लॉग्स का अभाव पाया गया है। डेटा इंटीग्रिटी के नजरिए से यह एक गंभीर कॉर्पोरेट गवर्नेंस रिस्क है।
आगे क्या होगा?
कंपनी की 35वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 19 सितंबर 2026 को तय की गई है। इस साल निवेशकों के लिए कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि वे ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सेक्टर में डिमांड को लेकर उत्साहित हैं और अपनी कस्टमर लिस्ट को डाइवर्सिफाई करने पर काम कर रहे हैं। हालांकि, निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी सॉफ्टवेयर सिस्टम की इन खामियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है।
