Visaka Industries ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹52.68 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है, जबकि रेवेन्यू **₹590.07 करोड़** रहा। कंपनी ने **₹1 प्रति शेयर** का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) भी घोषित किया है और राजस्थान व कर्नाटक में नए प्लांट्स के लिए **₹185 करोड़** के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को मंजूरी दी है।
कंपनी कर रही है बड़ा विस्तार!
Visaka Industries ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹52.68 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) कमाया है, जो ₹590.07 करोड़ के रेवेन्यू पर आधारित है। नतीजों के साथ ही, कंपनी ने ₹1 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का ऐलान किया है।
नई क्षमता के लिए बड़ा निवेश
कंपनी ने राजस्थान के टोंक में एक नया फाइबर सीमेंट और कैल्शियम सिलिकेट बोर्ड प्लांट लगाने के लिए ₹175 करोड़ और कर्नाटक के तुमकुर में कंस्ट्रक्शन केमिकल्स (Construction Chemicals) बनाने वाली यूनिट के लिए ₹10 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को मंजूरी दी है। इस तरह कुल ₹185 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
क्यों है यह अहम?
कंपनी की विस्तार योजनाएं भविष्य की मांग को लेकर उसके आत्मविश्वास को दर्शाती हैं, खासकर तब जब बिल्डिंग प्रोडक्ट्स सेगमेंट 100% क्षमता पर काम कर रहा है। कंस्ट्रक्शन केमिकल्स सेक्टर में कदम रखना कंपनी के बिजनेस में विविधता लाएगा। वहीं, डिविडेंड शेयरधारकों को सीधा रिटर्न देगा।
आगे क्या?
राजस्थान वाला प्लांट दिसंबर 2027 तक प्रोडक्शन शुरू कर सकता है, जबकि कंस्ट्रक्शन केमिकल्स लाइन तुमकुर यूनिट में इंटीग्रेट की जाएगी। ये नई क्षमताएं और प्रोडक्ट लाइन्स कंपनी की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाएंगी।
ध्यान रखने वाली बातें
ये विस्तार प्रोजेक्ट्स आंशिक रूप से कर्ज (Borrowings) के जरिए फंड किए जाएंगे। निवेशकों को कंपनी के डेट लेवल (Debt Levels) और बढ़े हुए फाइनेंस कॉस्ट (Finance Costs) का मुनाफे पर असर मॉनिटर करना चाहिए।
मुख्य आंकड़े:
- Q1 FY27 कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹590.07 करोड़
- Q1 FY27 कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट: ₹52.68 करोड़
- कुल स्वीकृत कैपेक्स: ₹185 करोड़
- अंतरिम डिविडेंड: ₹1 प्रति शेयर
- राजस्थान प्लांट क्षमता: 72,000 MT प्रति वर्ष
निवेशकों को नए प्लांट के निर्माण की प्रगति, प्रोडक्शन शुरू होने की समय-सीमा और कंपनी की डेट मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
