Virgo Polymer India ने चेन्नई स्थित अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हमेशा के लिए बंद कर दिया है। लेबर स्ट्राइक के चलते हुए इस नुकसान के बाद अब कंपनी पूरी तरह से ट्रेडिंग मॉडल पर शिफ्ट हो रही है। इस बदलाव के बीच बोर्ड ने एमडी Vivek Ramsisaria को दोबारा नियुक्त करने और उनकी सैलरी बढ़ाकर **₹0.84 करोड़** करने का प्रस्ताव रखा है।
मुनाफे में भारी गिरावट
कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर नजर डालें, तो FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर महज ₹0.42 करोड़ रह गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर यानी FY25 में ₹2.32 करोड़ था। इस बिगड़ते मुनाफे के बीच कंपनी का ट्रेडिंग मॉडल की तरफ बढ़ना निवेशकों के लिए एक बड़ा रिस्क फैक्टर हो सकता है।
क्यों लिया प्लांट बंद करने का फैसला?
चेन्नई यूनिट में 13 मार्च, 2025 से ही 87 कर्मचारियों के साथ लेबर स्ट्राइक का सिलसिला चल रहा था। लगातार हो रही इन दिक्कतों के कारण कंपनी के ऑपरेशंस बुरी तरह प्रभावित हुए, जिसके चलते मैनेजमेंट ने फिक्स्ड ओवरहेड खर्चों को कम करने के लिए इस यूनिट को हमेशा के लिए बंद करने का निर्णय लिया है।
अब क्या होगा?
कंपनी ने 28 सितंबर, 2026 को अपनी 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुलाई है। यहाँ शेयरहोल्डर्स यह तय करेंगे कि क्या मैनेजमेंट की सैलरी में इजाफा जायज है या नहीं। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रेडिंग मॉडल के जरिए कंपनी अपनी पुरानी खोई हुई चमक वापस ला पाएगी या नहीं।
