Virat Crane Industries का FY26 का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **27.5%** बढ़कर **₹177.48 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी को **₹7.71 करोड़** का नेट लॉस उठाना पड़ा है।
मुनाफे पर भारी पड़ा खर्चा
कंपनी ने अपने 34वें एनुअल रिपोर्ट में बताया कि जहां एक तरफ सेल्स में जबरदस्त तेजी आई है, वहीं दूसरी तरफ प्रॉफिटेबिलिटी पर मार पड़ी है। रॉ मटीरियल की लागत और ब्रांडिंग पर किए गए भारी खर्च ने मुनाफे को नुकसान में बदल दिया है। बता दें कि पिछले साल कंपनी ने ₹4.66 करोड़ का मुनाफा कमाया था।
विस्तार के लिए डिविडेंड पर कैंची
अपने नए प्लांट और बिजनेस विस्तार (Expansion) पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कंपनी ने इस साल निवेशकों को कोई भी डिविडेंड न देने का फैसला लिया है। कंपनी का फोकस अब छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में अपनी पहुंच बढ़ाने पर है। फिलहाल कंपनी का EPS -3.78 पर है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
आगे क्या होगा?
कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो भी बढ़कर 0.66 हो गया है, जो पिछले साल 0.30 था। मैनेजमेंट का मानना है कि नई तकनीक और प्लांट में निवेश से लॉन्ग टर्म में मार्जिन सुधरेगा। अब निवेशकों की नजर 30 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर है, जहां डायरेक्टर गोपाला कृष्णा मूर्ति जव्वागी की दोबारा नियुक्ति पर फैसला लिया जाएगा।
