Vipul Organics: वॉटर ट्रीटमेंट सेक्टर में एंट्री, MD का कार्यकाल बढ़ा और ESOS नियमों में बदलाव

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Vipul Organics: वॉटर ट्रीटमेंट सेक्टर में एंट्री, MD का कार्यकाल बढ़ा और ESOS नियमों में बदलाव

Vipul Organics अब वाटर और वेस्ट-वाटर ट्रीटमेंट के कारोबार में उतरने जा रही है। कंपनी को इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है, साथ ही कंपनी ने MD विपुल पी. शाह का कार्यकाल भी बढ़ा दिया है।

कारोबार का नया दायरा

Vipul Organics ने अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को बड़ा विस्तार दिया है। शेयरधारकों की मंजूरी के साथ, कंपनी अब स्पेशलाइज्ड मेम्ब्रेन प्रोडक्ट्स (Ultrafiltration, Nanofiltration, और Reverse Osmosis) के डिजाइन और निर्माण में उतरेगी। इसके अलावा, कंपनी अब Sewage Treatment Plants (STP) और Effluent Treatment Plants (ETP) जैसे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स पर भी काम करेगी।

लीडरशिप और ESOS में बदलाव

कंपनी ने अपनी लीडरशिप को और मजबूत करते हुए विपुल पी. शाह को मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर 5 साल के लिए री-अपॉइंट किया है। उनका यह नया कार्यकाल 2027 से शुरू होगा जो 2032 तक चलेगा। साथ ही, कंपनी ने अपने VOL ESOS 2022 स्कीम में भी बदलाव किए हैं, जिसके तहत अब स्टॉक ऑप्शंस को एक्सरसाइज करने की अवधि को वेस्टिंग की तारीख से बढ़ाकर 2 साल कर दिया गया है।

क्यों है यह महत्वपूर्ण?

वाटर और वेस्ट-वाटर मैनेजमेंट में प्रवेश करके कंपनी अपनी केमिकल एक्सपर्टाइज का बेहतर इस्तेमाल करना चाहती है। यह सेक्टर 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' जैसी सरकारी और औद्योगिक जरूरतों के कारण तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि नए सेक्टर में उतरने से कंपनी का कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ सकता है और वहां पहले से मौजूद खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिलेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.