Viksit Engineering Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹10.92 लाख** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। Insolvency से बाहर निकलने के बाद, कंपनी ने अब **30 नवंबर, 2026** को AGM बुलाई है, जिसमें कर्ज लेने की सीमा और भविष्य की रणनीतियों पर मुहर लगेगी।
मुनाफे में कैसे बदली तस्वीर?
कभी दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) में फंसी Viksit Engineering ने अब रिकवरी की राह पकड़ ली है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹41.09 लाख रहा, जो पिछले साल शून्य था। इसी के साथ कंपनी ने ₹10.92 लाख का नेट प्रॉफिट कमाकर बाजार को चौंकाया है, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी को ₹184.51 लाख का बड़ा नुकसान हुआ था।
30 नवंबर की AGM में क्या होगा खास?
कंपनी ने अब अपने अगले चरण के विस्तार के लिए तैयारी शुरू कर दी है। 30 नवंबर, 2026 को होने वाली 44वीं AGM में बोर्ड कई बड़े फैसलों पर शेयरधारकों की सहमति लेगा:
- कर्ज सीमा: कामकाज को गति देने के लिए कंपनी ₹25 करोड़ तक कर्ज लेने की मंजूरी मांगेगी।
- निवेश: कॉर्पोरेट निवेश और गारंटी की सीमा को भी ₹25 करोड़ तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।
- लीडरशिप: श्री कुशल चतुर्वेदी को नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में फिर से नियुक्त कर नई रणनीति को दिशा दी जाएगी।
- स्ट्रक्चर: कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) में बदलाव कर उसे पोस्ट-CIRP ढांचे के अनुरूप बनाया जाएगा।
आगे क्या है रिस्क?
हालांकि कंपनी मुनाफे में आ गई है, लेकिन यह रिकवरी अभी नाजुक दौर में है। निवेशकों को यह नजर रखनी होगी कि कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल कैसे करती है और ऑपरेशनल स्तर पर किस तरह का परफॉर्मेंस दिखाती है। फंड का कुशल इस्तेमाल ही कंपनी की भविष्य की राह तय करेगा।
