Viksit Engineering Ltd ने अपनी 44वीं AGM **30 नवंबर, 2026** को बुलाई है। इस बैठक में कंपनी अपने कामकाज को बढ़ाने के लिए **₹25 करोड़** तक का कर्ज लेने की मंजूरी लेगी।
एजेंडा: क्या है कंपनी का प्लान?
इन्सॉल्वेंसी प्रोसेस (CIRP) से बाहर निकलने के बाद, Viksit Engineering अब नई रफ्तार पकड़ने की कोशिश में है। कंपनी की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, 30 नवंबर, 2026 को होने वाली इस एजीएम (AGM) में कुल सात मुख्य प्रस्तावों पर शेयरहोल्डर्स की राय ली जाएगी। सबसे अहम मुद्दा ₹25 करोड़ तक की उधारी (Borrowing) की सीमा तय करना है, जिसके लिए कंपनी अपनी संपत्ति को गिरवी रखने का अधिकार भी मांगेगी।
बोर्ड में बड़े बदलाव
इस मीटिंग में कंपनी की लीडरशिप में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। कंपनी में 94% हिस्सेदारी रखने वाले श्री कुशल चतुर्वेदी को अब नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन (Non-Executive Chairman) के रूप में फिर से नामित किया जाएगा। वहीं, श्री अनिमेश शर्मा को होल-टाइम डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया जाएगा, जिनका मासिक वेतन ₹40,000 प्रस्तावित है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
यह उधारी की सीमा कंपनी के भविष्य के विस्तार के लिए एक बड़ा संकेत है। CIRP के बाद कंपनी अपनी रणनीतियों को नए सिरे से लागू करना चाहती है, जिसके लिए उन्हें पूंजी की जरूरत है। साथ ही, कंपनी अपने पुराने नियमों को बदलकर कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार नए आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) भी अपनाएगी, ताकि कामकाज को आधुनिक बनाया जा सके।
आने वाले समय में, शेयरहोल्डर्स के लिए यह देखना जरूरी होगा कि ये विशेष प्रस्ताव कितनी आसानी से पास होते हैं, क्योंकि यही कंपनी के नए बिजनेस कॉन्ट्रैक्ट्स और विस्तार की नींव रखेंगे।
