Vikran Engineering की 18वीं AGM में कंपनी ने FY26 के शानदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹1,249 करोड़** रहा है और अगस्त 2026 तक ऑर्डर बुक बढ़कर **₹6,496 करोड़** पहुंच गई है। साथ ही, कंपनी **NOPL Solar Projects** के अधिग्रहण के जरिए सोलर सेक्टर में अपने पैर पसार रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने शानदार रफ्तार दिखाते हुए अपने रेवेन्यू में सालाना आधार पर 36.4% की बढ़ोतरी दर्ज की है। नेट प्रॉफिट (PAT) 17.9% बढ़कर ₹92 करोड़ पर पहुंच गया है। निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह है कि शेयरधारकों ने प्रति शेयर ₹0.18 के फाइनल डिविडेंड को मंजूरी दे दी है।
रिन्यूएबल एनर्जी पर बड़ा दांव
Vikran Engineering अब तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की ओर शिफ्ट हो रही है। NOPL Solar Projects के अधिग्रहण से कंपनी के पोर्टफोलियो में 969 MW क्षमता जुड़ गई है। इस विस्तार के लिए कंपनी ₹4,200 करोड़ का कैपेक्स प्लान कर रही है, जिसमें 70-75% हिस्सा कर्ज (Debt) के जरिए जुटाया जाएगा। मैनेजमेंट ने ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए ₹1,000 करोड़ तक के डेट सिक्योरिटी जारी करने का प्रस्ताव रखा है।
ऑर्डर बुक की मजबूती
कंपनी का काम अब तीन प्रमुख हिस्सों में बंटा है: सोलर (62%), पावर T&D (28%) और वाटर/रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर (10%)। मैनेजमेंट ने भरोसा दिलाया है कि टेंडर-आधारित कॉन्ट्रैक्ट्स में 'प्राइस एस्केलेशन' क्लॉज है, जो कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से मार्जिन को बचाए रखेगा।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी का भारी कर्ज पर निर्भर रहना एक बड़ा चैलेंज हो सकता है। अनुमान है कि कंपनी पर ₹2,800 करोड़ से ₹3,150 करोड़ तक का कर्ज बढ़ सकता है। ऐसे में कंपनी की ब्याज चुकाने की क्षमता और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना ही निवेशकों के लिए सबसे बड़ा 'वॉच फैक्टर' होगा। फिलहाल मैनेजमेंट ने कोई शॉर्ट-टर्म गाइडेंस नहीं दी है, उनका पूरा जोर लॉन्ग-टर्म एग्जीक्यूशन पर है।
