Vikran Engineering ने ₹354.21 करोड़ का एक महत्वपूर्ण EPC कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया है। यह कॉन्ट्रैक्ट 100 MW का सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए था, लेकिन क्लाइंट की तरफ से लगातार हो रही देरी के चलते कंपनी को यह कदम उठाना पड़ा।
कंपनी ने क्यों लिया फैसला?
Vikran Engineering Ltd ने महाराष्ट्र में 100 MW AC सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए ₹354.21 करोड़ के EPC कॉन्ट्रैक्ट को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। यह कॉन्ट्रैक्ट 24 अक्टूबर 2025 को लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) के जरिए मिला था।
क्या होगा असर?
हालांकि यह ऑर्डर कैंसिल हुआ है, कंपनी का कहना है कि इससे उसके ऑपरेशंस, फाइनेंशियल पोजीशन या ग्रोथ आउटलुक पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। इसका मतलब है कि यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती स्टेज में था और कंपनी के रेवेन्यू या खर्चों पर इसका बड़ा प्रभाव नहीं था।
देरी की वजह
कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को रद्द करने का कारण क्लाइंट, Ellume Energy MH Solar One Private Limited, की तरफ से हो रही लगातार देरी को बताया है। इसमें पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) का न होना, काम शुरू करने की मंजूरी, डिजाइन क्लीयरेंस, स्कोप फाइनल होना और मोबिलाइजेशन की परमिशन जैसी चीजें शामिल हैं। इन देरी के कारण यह प्रोजेक्ट कमर्शियली वॉयबल (व्यवहार्य) नहीं रह गया था।
आगे क्या?
अब कंपनी ऐसे प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है जो स्ट्रेटेजिकली अलाइन्ड (रणनीतिक रूप से जुड़े) हों और 'एग्जीक्यूशन-रेडी' (लागू करने के लिए तैयार) हों। इससे पता चलता है कि कंपनी अब उन कॉन्ट्रैक्ट्स को प्राथमिकता दे रही है जिनमें स्पष्टता हो और जिन्हें आसानी से लागू किया जा सके।
निवेशकों के लिए बड़ी बात
निवेशकों को अब कंपनी के ऑर्डर बुक साइज पर पड़ने वाले संभावित असर और इस कैंसिल हुए प्रोजेक्ट की जगह नए, व्यवहार्य कॉन्ट्रैक्ट्स को कितनी जल्दी हासिल करने की क्षमता पर नज़र रखनी होगी, ताकि ग्रोथ की रफ्तार बनी रहे।
