विक्रम सोलर का तमिलनाडु में नया प्लांट शुरू, क्षमता बढ़ी

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
विक्रम सोलर का तमिलनाडु में नया प्लांट शुरू, क्षमता बढ़ी

विक्रम सोलर ने तमिलनाडु में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू कर दी है और पहला सोलर मॉड्यूल तैयार कर लिया है। यह प्लांट आधुनिक तकनीक से लैस है, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और करीब **1,500** लोगों को रोजगार मिलेगा।

विक्रम सोलर ने तमिलनाडु में शुरू किया नया स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट

विक्रम सोलर लिमिटेड ने तमिलनाडु के गंगईकोंडन में अपनी नई ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। इस प्लांट से पहला सोलर मॉड्यूल सफलतापूर्वक तैयार किया गया है।

प्लांट की मुख्य बातें:

  • यह फैसिलिटी 6 लाख वर्ग फुट में फैली है।
  • यहां 1,500 से अधिक कुशल पेशेवरों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
  • तैयार होने वाले मॉड्यूल्स की रेटेड पावर 615-640 Wp होगी।
  • मॉड्यूल एफिशिएंसी 23.69% तक पहुंच सकती है।

क्या हुआ है?

विक्रम सोलर लिमिटेड ने तमिलनाडु के गंगईकोंडन में अपनी नई ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शुरू की है और पहला सोलर मॉड्यूल तैयार किया है। यह फैसिलिटी एडवांस्ड ऑटोमेशन वाली नेक्स्ट-जेनरेशन स्मार्ट फैक्ट्री के तौर पर डिजाइन की गई है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

यह शुरुआत विक्रम सोलर की भारत में इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की रणनीति का एक अहम कदम है। इस विस्तार से प्रोडक्शन कैपेसिटी और एफिशिएंसी में सुधार होगा, जिससे कंपनी को डोमेस्टिक कंटेंट फ्रेमवर्क का फायदा मिलेगा और सप्लाई चेन मजबूत होगी।

पूरी कहानी

कंपनी भारत के सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक प्रमुख खिलाड़ी है, जिसके नाम 10 GW से अधिक का क्यूम्युलेटिव ग्लोबल मॉड्यूल डिप्लॉयमेंट (YTD 2026 तक) है। कंपनी को लगातार क्वालिटी के लिए पहचाना गया है और यह लगातार 8 तिमाहियों से ब्लूमबर्ग एनईएफ (Bloomberg NEF) की टियर 1 लिस्ट में शामिल है।

अब क्या बदलेगा?

यह नई फैसिलिटी Hypersol N-Type TOPCon G12R मॉड्यूल्स का निर्माण करेगी। यह कंपनी की बड़ी विस्तार योजना का हिस्सा है, जिसमें FY27 तक 9 GW सोलर सेल कैपेसिटी और FY29-30 तक 12 GW वेफर और इंगोट मैन्युफैक्चरिंग का लक्ष्य शामिल है। यह इंटीग्रेटेड मॉडल सप्लाई चेन को और मजबूत करेगा और लागत कम करेगा।

ध्यान देने योग्य जोखिम

मुख्य जोखिमों में सोलर सेल, वेफर और इंगोट की अनुमानित कैपेसिटी विस्तार की टाइमलाइन का पालन करना और एक प्रतिस्पर्धी व तेजी से बदलते सोलर टेक्नोलॉजी मार्केट में अपनी लीडरशिप बनाए रखना शामिल है।

पीयर तुलना

हालांकि इस रिपोर्ट में प्रतिस्पर्धी कंपनियों की कैपेसिटी के आंकड़े नहीं दिए गए हैं, विक्रम सोलर का विस्तार भारत सरकार के घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के प्रयासों के अनुरूप है। यह एक ऐसा ट्रेंड है जिसे भारत की कई रिन्यूएबल एनर्जी फर्में अपना रही हैं, जिनका लक्ष्य आत्मनिर्भरता हासिल करना है।

प्रासंगिक आंकड़े (समय-आधारित)

  • YTD 2026 तक 10 GW क्यूम्युलेटिव ग्लोबल मॉड्यूल डिप्लॉयमेंट।
  • 8 लगातार तिमाहियों से ब्लूमबर्ग एनईएफ (Bloomberg NEF) टियर 1 लिस्ट में शामिल।

आगे क्या देखें

निवेशकों को सोलर सेल (FY27 तक 9 GW, FY28 तक +3 GW) और वेफर/इंगोट (FY29-30 तक 12 GW) के नियोजित कैपेसिटी विस्तार की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, गंगईकोंडन स्थित नई फैसिलिटी के ऑपरेशनल रैंप-अप और एफिशिएंसी पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.