Vedanta Ltd ने दक्षिण अफ्रीका में अपने 'Gamsberg Phase II' प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया है। **$600 मिलियन** के भारी निवेश के बाद कंपनी ने वहां जिंक प्रोडक्शन क्षमता को दोगुना कर दिया है, जो ग्लोबल लीडर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ग्लोबल लीडरशिप की ओर कदम
Vedanta Ltd का लक्ष्य दुनिया की सबसे बड़ी जिंक उत्पादक कंपनी बनना है। इस विस्तार के साथ, कंपनी ने अब 3 मिलियन टन सालाना जिंक उत्पादन का अपना लक्ष्य और करीब कर लिया है। इस प्रोडक्शन का स्ट्रैटेजिक बंटवारा 2 मिलियन टन हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (भारत) और 1 मिलियन टन वेदांता जिंक इंटरनेशनल (दक्षिण अफ्रीका) के बीच किया गया है।
बड़े निवेश की कहानी
यह प्रोजेक्ट $1.5 बिलियन के कुल निवेश वादे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो कंपनी ने 2018 में दक्षिण अफ्रीका इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस के दौरान किया था। जी-हब (Gamsberg) माइन का उद्घाटन दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और वेदांता लिमिटेड की डायरेक्टर प्रिया अग्रवाल-हेब्बर ने संयुक्त रूप से किया। खनन के अलावा, कंपनी ने स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए करीब $20 मिलियन का निवेश भी किया है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों के लिए अब अगली बड़ी चीज़ है- इस नई यूनिट का ऑपरेशनल रैंप-अप। बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कैसे दक्षिण अफ्रीका से मिलने वाला यह अतिरिक्त प्रोडक्शन कंपनी के ग्लोबल बैलेंस शीट में जुड़ता है और क्या कंपनी 3 मिलियन टन का अपना वार्षिक लक्ष्य निरंतर हासिल कर पाती है।
