Vedanta ने FY26 में इतिहास रच दिया है! कंपनी ने ₹1.74 लाख करोड़ का रिकॉर्ड रेवेन्यू और ₹25,096 करोड़ का शानदार मुनाफा दर्ज किया है। इसी के साथ, Vedanta अब 5 अलग-अलग कंपनियों में बंट गई है, जिसका मकसद हर बिजनेस को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाना है।
Vedanta ने FY26 में दर्ज किया ऐतिहासिक प्रदर्शन!
Vedanta Limited ने Financial Year 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा रेवेन्यू ₹1,74,075 करोड़ दर्ज किया है। इसी के साथ, कंपनी का मुनाफा ₹25,096 करोड़ रहा, जबकि EBITDA ₹55,976 करोड़ रहा। यह आंकड़े कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन को दर्शाते हैं।
डीमर्जर से क्या बदलेगा?
इन शानदार नतीजों के साथ-साथ, Vedanta ने एक बड़ा कॉर्पोरेट कदम उठाते हुए खुद को 5 स्वतंत्र लिस्टेड कंपनियों में डीमर्ज कर दिया है। इस स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग का मकसद हर बिजनेस यूनिट को अलग-अलग ग्रोथ स्ट्रेटेजी अपनाने और शेयरहोल्डर वैल्यू को बढ़ाना है।
क्यों है यह अहम?
कंपनी का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन उसके मजबूत बाजार स्थिति और परिचालन क्षमता को दिखाता है। वहीं, 5 कंपनियों में बंटने से हर सेगमेंट अपने विकास लक्ष्यों को बेहतर ढंग से हासिल कर पाएगा, जिससे कंपनी में फुर्ती आएगी और कैपिटल एलोकेशन (Capital Allocation) भी सुधरेगा।
आगे क्या उम्मीदें?
नए स्ट्रक्चर के तहत, Zinc & Lead, Silver, Copper, Aluminium, Steel, Power और Oil & Gas जैसे सेगमेंट्स अपने खास विकास के रास्ते पर चलेंगे। कंपनी ने एल्युमीनियम क्षमता को 3 साल में दोगुना कर 60 लाख टन करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, Oil & Gas में अगले 3-5 सालों में $5 बिलियन का निवेश किया जाएगा।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
सबसे बड़ा जोखिम इन महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं के क्रियान्वयन (Execution) से जुड़ा है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्षमता विस्तार की योजनाएं समय पर और तय लागत में पूरी होती हैं या नहीं। साथ ही, Oil & Gas में होने वाले $5 बिलियन के निवेश पर भी नजर रखनी होगी।
भविष्य में क्या देखें?
निवेशकों की नजर अब एल्युमीनियम और Oil & Gas जैसे सेगमेंट्स में क्षमता विस्तार की प्रगति पर रहेगी। नई बनी 5 कंपनियों की परफॉर्मेंस और उनकी ग्रोथ योजनाओं को लागू करने की क्षमता अहम साबित होगी।
