Vaswani Industries के FY26 के नतीजे: रेवेन्यू में ग्रोथ, पर मुनाफे पर दबाव
Vaswani Industries ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड स्टैंडअलोन नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (revenue from operations) 13.54% बढ़कर ₹467.37 करोड़ हो गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में ₹411.64 करोड़ था।
मुनाफे में आई भारी गिरावट
बढ़ते खर्चों का असर कंपनी के मुनाफे पर साफ दिखा। FY26 में नेट प्रॉफिट 50.70% घटकर ₹4.24 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹8.60 करोड़ था। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹2.81 से घटकर ₹1.31 हो गया।
कंपनी ने क्यों बढ़ाया कर्ज़?
FY26 के दौरान, Vaswani Industries ने अपने सोलर पावर प्लांट और इंडक्शन फर्नेस प्लांट को कैपिटलाइज (capitalize) किया। इस विस्तार के चलते डेप्रिसिएशन (depreciation) की लागत बढ़ गई। साथ ही, फाइनेंसिंग लागत (finance costs) भी ₹7.99 करोड़ (FY25) से बढ़कर ₹17.57 करोड़ (FY26) हो गई, जिसने बॉटम लाइन (bottom line) को प्रभावित किया। कंपनी पर नॉन-करंट बोरिंग्स (non-current borrowings) भी ₹109.28 करोड़ से बढ़कर ₹218.51 करोड़ हो गई हैं।
प्रमोटर्स से ₹9.87 करोड़ जुटाएगी कंपनी
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप से ₹60 प्रति शेयर के भाव पर ₹9.87 करोड़ जुटाने के लिए प्रेफरेंशियल इश्यू (preferential issue) को मंजूरी दे दी है। यह फंड कंपनी के इक्विटी बेस को मजबूत करेगा और बढ़ते कर्ज़ को संभालने व भविष्य की ग्रोथ में मदद कर सकता है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजर अब कंपनी की बढ़ते कर्ज़ को संभालने, फाइनेंसिंग लागत को कंट्रोल करने और ऑपरेटिंग मार्जिन को बेहतर बनाने की क्षमता पर होगी। नए प्लांट्स का सफल इंटीग्रेशन और उनका प्रदर्शन भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी के लिए अहम साबित होगा।
