Varroc Engineering Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। शेयरधारकों को atribuited कंपनी का कन्सॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹225.03 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹61.23 करोड़ की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी है।
कंपनी का कन्सॉलिडेटेड रेवेन्यू भी 9% बढ़कर FY26 में ₹8,890.49 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹8,154.08 करोड़ था। इस प्रदर्शन में FY26 की वॉलंटरी सेपरेशन स्कीम से जुड़ा ₹799.49 करोड़ का असाधारण आय का भी योगदान है। इसके अलावा, चीन ज्वाइंट वेंचर के विनिवेश के बाद ₹61.19 करोड़ का क्युमुलेटिव एक्सचेंज गेन (cumulative exchange gain) OCI से रीक्लासिफाई किया गया है।
शेयरधारक आने वाली 38वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम डिविडेंड पर विचार करेंगे। कंपनी ₹500 करोड़ तक नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करके और अपनी कुल उधारी सीमा को ₹3,000 करोड़ तक बढ़ाकर भविष्य की पूंजीगत जरूरतों को पूरा करने की योजना बना रही है।
नतीजों में एक महत्वपूर्ण चिंता की बात है स्टैट्यूटरी ऑडिटर की क्वालिफाइड ओपिनियन। यह क्वालिफिकेशन TYC Parties के साथ चल रहे आर्बिट्रेशन से संबंधित ₹20.99 करोड़ की आय को लेकर अनिश्चितता के कारण है। निवेशकों को इन आर्बिट्रेशन के नतीजों के साथ-साथ प्रतिकूल GST आर्डर डिमांड और OPmobility आर्बिट्रेशन से संबंधित किसी भी डेवलपमेंट पर बारीकी से नजर रखनी होगी।
