Varmora Granito के लिए पहली छमाही शानदार रही है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) जबरदस्त उछाल के साथ **₹53.7 करोड़** (₹537 मिलियन) पहुंच गया है, जो मुश्किल हालातों से उबरकर आई एक बड़ी जीत है।
मुनाफे में बड़ी छलांग
सितंबर 2026 में IPO के बाद कंपनी ने अपने पहले फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं। H1 FY27 में कंपनी ने ₹53.7 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 498% ज्यादा है। कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹714.2 करोड़ (₹7,142 मिलियन) रहा है, जिसमें दूसरी तिमाही के दौरान काफी मजबूत मोमेंटम देखने को मिला है।
कैसे मिली कामयाबी?
इस साल की शुरुआत में मोरबी स्थित प्लांट्स को गैस की बढ़ती कीमतों और वेस्ट एशिया में जारी तनाव के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। हालांकि, कंपनी ने 18-19% की प्राइस हाइक के जरिए इन बढ़े हुए खर्चों का बोझ ग्राहकों पर सफलतापूर्वक ट्रांसफर किया। इसके अलावा, असम के तेजपुर में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू करना कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है।
स्ट्रैटेजिक बदलाव और फोकस
कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करने के लिए सोलरिस यूनिट में सेरेमिक टाइल प्रोडक्शन बंद कर दिया है। अब इसे हाई-मार्जिन वाले GVT (Glazed Vitrified Tiles) बनाने के लिए अपग्रेड किया जा रहा है। कुल रेवेन्यू में GVT और टेक्निकल प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी अब 87% हो गई है, जबकि Simola Tiles LLP में अपनी हिस्सेदारी बेचकर कंपनी ने अपने मुख्य बिजनेस पर ध्यान केंद्रित किया है।
इन जोखिमों पर रखें नजर
निवेशकों को सतर्क रहने की भी जरूरत है। कंपनी का वर्किंग कैपिटल 114 दिनों तक पहुंच गया है, जो कि FY26 में 96 दिन था। साथ ही, एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव कंपनी के मार्जिन पर भविष्य में दबाव डाल सकते हैं।
