Vardhman Special Steels ने Q2 FY27 में शानदार प्रदर्शन करते हुए **70,000 टन** से ज्यादा की सेल्स दर्ज की है। हालांकि, कंपनी बड़े एक्सपेंशन प्लान के लिए अगले **3-4 साल** तक डिविडेंड रोकने पर विचार कर रही है, साथ ही **2027** में राइट्स इश्यू भी ला सकती है।
सेल्स में जबरदस्त उछाल
कंपनी के लिए Q2 FY27 का दौर काफी मजबूत रहा है। ऑटो सेक्टर, खासकर टू-व्हीलर और SUV सेगमेंट की मांग के चलते सेल्स वॉल्यूम 59,000 टन (Q1 में) से बढ़कर 70,000 टन के पार पहुंच गया है। कंपनी ने यूरोप के एक प्रमुख OEM से अप्रूवल भी हासिल कर लिया है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग को और बूस्ट मिला है। कंपनी का EBITDA गाइडेंस प्रति टन ₹9,000 से ₹12,000 के बीच बना हुआ है।
क्यों रुक सकता है डिविडेंड?
कंपनी फिलहाल अपनी कैपेसिटी बढ़ाने के लिए बड़े निवेश कर रही है। इसमें एक नया फोर्जिंग प्लांट (मार्च 2028) और नया स्टील प्लांट (सितंबर 2029) शामिल है। नए स्टील प्लांट की अनुमानित लागत ₹2,000 करोड़ से भी अधिक हो सकती है। कैश बचाने के लिए बोर्ड 3-4 साल तक डिविडेंड नहीं देने पर विचार कर रहा है, जो उन निवेशकों के लिए झटका हो सकता है जो डिविडेंड से कमाई की उम्मीद रखते हैं।
आगे की चुनौतियां और राइट्स इश्यू
कंपनी अपनी कुल क्षमता को 360,000 टन तक ले जाना चाहती है। डेट-इक्विटी रेशियो को 1:1 के स्तर पर लाने का लक्ष्य है। रिपोर्ट किया गया कर्ज ₹162.93 करोड़ बढ़ा है, जिसे कंपनी ने केवल अकाउंटिंग रीक्लासिफिकेशन बताया है। सबसे महत्वपूर्ण बात, 2027 की दूसरी छमाही में कंपनी राइट्स इश्यू लाने की योजना बना रही है, जिससे शेयरहोल्डर्स का इक्विटी डाइल्यूशन हो सकता है। निवेशकों को दिसंबर 2026 में मिलने वाली पर्यावरणीय मंजूरी और अप्रैल की बोर्ड मीटिंग के फैसलों पर नजर रखनी चाहिए।
