VXL Instruments के लिए NCLT से राहत की खबर आई है, जहां NG Organics और नितिनभाई गोविंदभाई पटेल के रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी मिल गई है। हालांकि, कंपनी की माली हालत बेहद खराब है और रेवेन्यू घटकर सिर्फ **₹0.66 करोड़** रह गया है, जबकि घाटा **₹6.53 करोड़** तक पहुंच गया है।
रिवाइवल प्लान को मिली मंजूरी
NCLT ने 9 सितंबर, 2026 को VXL Instruments के लिए रिजॉल्यूशन प्लान को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसे NG Organics Private Limited और नितिनभाई गोविंदभाई पटेल के कंसोर्टियम ने पेश किया था। नवंबर 2024 में कंपनी CIRP प्रक्रिया में शामिल हुई थी और अब एक 'मॉनिटरिंग कमिटी' इसके कामकाज को संभाल रही है। कंपनी ने अपनी 39वीं सालाना आम बैठक (AGM) 26 अक्टूबर, 2026 के लिए निर्धारित की है।
गंभीर वित्तीय संकट
कंपनी के हालिया फाइनेंशियल रिजल्ट्स चिंताजनक हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹7.71 करोड़ से लुढ़क कर मात्र ₹0.66 करोड़ पर आ गया है। इस दौरान कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹6.53 करोड़ हो गया है, जो कंपनी की बदहाल स्थिति को दर्शाता है।
ऑडिटर्स की चेतावनी (Auditor's Disclaimer)
स्टैच्युटरी ऑडिटर YCRJ & Associates ने कंपनी के खातों पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
- गोइंग कंसर्न: कंपनी के भविष्य पर अनिश्चितता बनी हुई है।
- वेरिफिकेशन का अभाव: ऑडिटर बैंक बैलेंस, इन्वेंट्री और फिक्स्ड एसेट्स की पुष्टि करने में असमर्थ रहे हैं।
- FEMA नियमों का उल्लंघन: बिना RBI की मंजूरी के ₹5.63 करोड़ के विदेशी रिसीवेबल्स और ₹3.48 करोड़ के पेबल्स को राइट-ऑफ करने पर सवाल उठे हैं।
- इंटरनल कंट्रोल: इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट न मिलने के कारण वित्तीय नियंत्रण का मूल्यांकन नहीं हो सका है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब मॉनिटरिंग कमिटी के कदमों पर होनी चाहिए। कंपनी की वित्तीय पारदर्शिता और रेगुलेटरी अनुपालन को बहाल करना नए प्रमोटरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
