VMS TMT लिमिटेड, आदित्य अल्ट्रा स्टील लिमिटेड के साथ एक शेयर स्वैप डील में विलय करने के लिए तैयार है। इस विलय का मकसद 'कामधेनु' ब्रांड को मजबूत करना और गुजरात के स्टील बाजार में परिचालन तालमेल बनाना है।
VMS TMT, Aditya Ultra Steel के साथ विलय को तैयार
VMS TMT लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने आदित्य अल्ट्रा स्टील लिमिटेड (AUSL) के VMS TMT में विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। इस सौदे के तहत, AUSL के हर 100 इक्विटी शेयरों के बदले VMS TMT के 75 इक्विटी शेयर दिए जाएंगे।
गुजरात में 'कामधेनु' ब्रांड होगा और मजबूत
इस विलय का मुख्य उद्देश्य गुजरात में 'कामधेनु' ब्रांड की मौजूदगी को मजबूत करना है। इसके साथ ही, कंपनी बड़े पैमाने पर उत्पादन और बेहतर परिचालन तालमेल (Operational Synergies) से फायदा उठाने की उम्मीद कर रही है। यह कदम VMS TMT की स्टील सेक्टर में बाजार पहुंच को और मजबूत करेगा, क्योंकि दोनों कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क एकीकृत हो जाएंगे।
वित्तीय स्थिति पर एक नजर (31 मार्च 2026 तक)
VMS TMT के पास कुल संपत्ति ₹519.41 करोड़ और टर्नओवर ₹840.20 करोड़ था, जबकि कंपनी की नेट वर्थ ₹228.13 करोड़ दर्ज की गई थी। दूसरी ओर, आदित्य अल्ट्रा स्टील के पास कुल संपत्ति ₹192.97 करोड़ और टर्नओवर ₹409.90 करोड़ था, जिसकी नेट वर्थ ₹92.39 करोड़ थी।
विलय के बाद क्या होगा?
विलय के बाद बनने वाली संयुक्त इकाई की कुल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 308,000 टन प्रति वर्ष होगी (जिसमें VMS TMT का 200,000 टन और AUSL का 108,000 टन शामिल होगा)। साथ ही, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को भी एकीकृत किया जाएगा, जिसमें 4 डिस्ट्रीब्यूटर और 300 डीलर शामिल होंगे।
जोखिम और आगे की राह
यह विलय कई नियामकीय और सांविधिक मंजूरियों पर निर्भर करेगा, जिनमें SEBI, NCLT, BSE, NSE, शेयरधारकों और लेनदारों की मंजूरी शामिल है। इन बाहरी मंजूरियों के मिलने के बाद ही विलय की प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। निवेशकों को आगे इन मंजूरियों की प्रगति पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
