VK Global Industries ने शानदार फाइनेंशियल टर्नअराउंड दिखाते हुए FY26 में **₹9.91 लाख** का मुनाफा दर्ज किया है। हाइड्रोपोनिक फार्मिंग में सफलता के बावजूद, कंपनी के अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में 'ऑडिट ट्रेल' से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है, जो गवर्नेंस पर बड़े सवाल खड़े करता है।
मुनाफे का सफर
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा था, जिसमें ₹43.22 लाख का नुकसान हुआ था। हालांकि, FY26 में कंपनी ने मजबूती से वापसी की है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹5.91 लाख से उछलकर ₹99.21 लाख पर पहुंच गया है। फरीदाबाद स्थित हाइड्रोपोनिक फार्मिंग फैसिलिटी में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 70% तक दर्ज किया गया है।
ऑडिटर ने क्यों दी चेतावनी?
कंपनी की सफलता के बीच, स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स 'M/s. Jain Jain & Associates' ने गंभीर चिंताएं जताई हैं। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि कंपनी के अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में मौजूद 'ऑडिट ट्रेल' फीचर के साथ छेड़छाड़ की गई है। डेटा की अखंडता (Data Integrity) और फाइनेंशियल गवर्नेंस को लेकर यह एक बड़ा रेड फ्लैग है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
आगे क्या है योजना?
आगामी 22 सितंबर, 2026 को होने वाली 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मिस्टर राहुल जैन की पुनर्नियुक्ति पर फैसला होगा। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे इस मीटिंग पर नजर रखें और ऑडिट ट्रेल से जुड़े मामले पर मैनेजमेंट की स्पष्टीकरण का इंतजार करें।
निवेशकों के लिए सलाह: हालांकि कंपनी का बिजनेस मॉडल पटरी पर आता दिख रहा है, लेकिन इंटरनल कंट्रोल में कमी लॉन्ग टर्म में रिस्क पैदा कर सकती है। कंपनी इन खामियों को कैसे दूर करती है और भविष्य की एक्सपेंशन को कैसे फंड करती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
