VA Tech Wabag के निवेशकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! कंपनी ने कुवैत में दोहा SWRO डीसैलिनेशन प्लांट - स्टेज II के लिए एक 'मेगा' ऑर्डर साइन किया है, जिसकी कीमत **150 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1250 करोड़)** से ज़्यादा है। इस सौदे से कंपनी की कुवैत के बाजार में एंट्री हुई है।
कुवैत में VA Tech Wabag का पहला प्रोजेक्ट
VA Tech Wabag ने कुवैत के दोहा SWRO डीसैलिनेशन प्लांट - स्टेज II प्रोजेक्ट के लिए आधिकारिक तौर पर कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। जून 2026 में कंपनी को यह प्रोजेक्ट अवार्ड हुआ था।
'मेगा' ऑर्डर का क्या मतलब?
कंपनी ने इस डील को 'मेगा' ऑर्डर का नाम दिया है, जिसका मतलब है कि इसकी वैल्यू 150 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹1250 करोड़ से भी ज़्यादा है। यह VA Tech Wabag के लिए खाड़ी क्षेत्र (GCC) में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का एक अहम कदम है, क्योंकि यह कंपनी का कुवैत में पहला प्रोजेक्ट होगा।
अब आगे क्या होगा?
इस प्रोजेक्ट पर काम जल्द ही शुरू होगा, जिसमें पहले 36 महीनों तक निर्माण कार्य चलेगा। इसके बाद अगले 5 सालों तक प्लांट का ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) किया जाएगा।
किन बातों पर रखें नज़र?
इन्वेस्टर्स को निर्माण की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखनी होगी। 36 महीने की समय-सीमा का पालन कितना होता है, इस पर ध्यान देना ज़रूरी है। किसी भी तरह की देरी या लागत में बढ़ोतरी कंपनी के मुनाफे को प्रभावित कर सकती है।
प्रोजेक्ट की क्षमता और टेक्नोलॉजी
इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 60 मिलियन इम्पीरियल गैलन (MIGD) या लगभग 272 मिलियन लीटर (MLD) पानी की होगी। VA Tech Wabag इस प्रोजेक्ट को HEISCO के साथ मिलकर चलाएगी। इसमें सी वॉटर रिवर्स ऑस्मोसिस (SWRO) टेक्नोलॉजी के साथ रिकार्बोनेशन और साइट पर ही सोलर पीवी (Solar PV) इंटीग्रेशन जैसी आधुनिक तकनीकें इस्तेमाल होंगी।
