Uravi Defence: प्रमोटर्स से कर्ज लेकर कंपनी करेगी बड़ा अधिग्रहण, शेयरधारकों से मांगी मंजूरी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Uravi Defence: प्रमोटर्स से कर्ज लेकर कंपनी करेगी बड़ा अधिग्रहण, शेयरधारकों से मांगी मंजूरी

Uravi Defence and Technology Ltd ने अपने प्रमोटर्स से **₹6 करोड़** का कर्ज लेने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है। इस फंड का इस्तेमाल Spafax International Holdings में **60%** हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया जाएगा।

कर्ज का गणित और अधिग्रहण की योजना

कंपनी ने बताया है कि यह ₹6 करोड़ का अनसिक्योर्ड लोन कंपनी के डायरेक्टर्स—नीरज गाडा, कौशिक गाडा और श्लोक गाडा से लिया जाएगा। हर डायरेक्टर की ओर से ₹2 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। इस कर्ज पर 8.15% सालाना की ब्याज दर तय की गई है और इसका टेन्योर 60 महीने (5 साल) का होगा।

कंपनी के लिए यह कदम एक बड़ी स्ट्रैटेजिक डील का हिस्सा है। Uravi Defence अपने सब्सिडियरी, Bharat Technology Ltd के जरिए Spafax International Holdings Ltd की बची हुई 60% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करना चाहती है। कुल ₹15 करोड़ की फंडिंग योजना के तहत यह ₹6 करोड़ का लोन लिया जा रहा है, जिसे 'रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन' होने के कारण शेयरधारकों की मंजूरी की जरूरत है।

फाइनेंशियल हेल्थ पर असर

इस कर्ज के बाद कंपनी की बैलेंस शीट पर सीधा असर दिखेगा। कंपनी का Debt-to-Equity रेशियो जो पहले 0.46 था, अब बढ़कर 1.00 के स्तर पर पहुंच जाएगा। हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि Debt Service Coverage Ratio में मामूली सुधार होगा और यह 1.58 से बढ़कर 1.68 पर पहुंच जाएगा, जो बेहतर कैश फ्लो का संकेत देता है।

वोटिंग और गवर्नेंस

इस प्रपोजल को ऑडिट कमिटी से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। नियमों के मुताबिक, जो प्रमोटर्स इस लोन को दे रहे हैं, वे इस रेजोल्यूशन की वोटिंग प्रक्रिया से दूर रहेंगे। शेयरधारक 30 अक्टूबर 2026 से 28 नवंबर 2026 के बीच वोट कर सकेंगे, जिसके परिणाम 1 दिसंबर 2026 को घोषित किए जाएंगे। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कैसे बढ़ा हुआ कर्ज कंपनी के रिस्क प्रोफाइल को प्रभावित करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.