Updater Services ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने नतीजों की घोषणा की है, जिसमें कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 7% बढ़कर ₹2,960.2 करोड़ दर्ज किया गया। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कंपनी के इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट (IFM) सेगमेंट से हुई है।
मुनाफे पर पड़ी मार
हालांकि, रेवेन्यू में उछाल के बावजूद, कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 30% की भारी गिरावट आई है। FY26 में PAT ₹82.8 करोड़ रहा, जो कि पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) के ₹119.0 करोड़ की तुलना में काफी कम है।
क्या हैं मुनाफे में गिरावट के कारण?
कंपनी के नतीजों पर एकमुश्त खर्चों का असर साफ दिख रहा है। इसमें Avon रिसीवेबल्स के लिए ₹20.1 करोड़ का प्रोविज़न और नए लेबर कोड के तहत ₹5.4 करोड़ का स्पेशल चार्ज शामिल है। इन गैर-आवर्ती (non-recurring) खर्चों ने मुनाफे को प्रभावित किया है।
आगे की राह और जोखिम
कंपनी के पास मजबूत बैलेंस शीट है और मार्च 2026 तक नेट कैश पोजीशन बनी हुई है, जिसका नेट डेट टू इक्विटी रेशियो -0.24x है। मैनेजमेंट का मानना है कि नए लेबर कोड से व्यवस्थित कंपनियों को दीर्घकालिक फायदा होगा। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी लागतों का प्रबंधन कैसे करती है और अपने नए बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स से लाभप्रदता (profitability) कैसे बढ़ाती है।
किन बातों पर रखें नजर?
आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में सुधार, बिजनेस सपोर्ट सर्विसेज (BSS) सेगमेंट का प्रदर्शन और नए बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स की लाभप्रदता पर बारीकी से नजर रखनी होगी।
