Universal Autofoundry ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस बार **₹0.56 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में **₹0.61 करोड़** का मुनाफा हुआ था। हालांकि, कंपनी की रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी का कामकाज तो बढ़ा है, लेकिन खर्चों ने मुनाफे की कमर तोड़ दी है। सितंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹61.46 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹54.86 करोड़ था। हालांकि, बढ़ते फाइनेंस कॉस्ट और डेप्रिसिएशन खर्च के कारण कंपनी फायदे से घाटे में आ गई है।
बढ़ते खर्च का दबाव
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो फाइनेंस कॉस्ट बढ़कर ₹2.74 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹1.42 करोड़ था। वहीं, एसेट डिप्लॉयमेंट बढ़ने से डेप्रिसिएशन खर्च भी ₹6.30 करोड़ तक पहुंच गया है।
राहत की उम्मीद: सोलर प्रोजेक्ट
बुरे नतीजों के बीच कंपनी ने राजस्थान के चुरू में 6.5 MWp का सोलर पावर प्लांट शुरू किया है। ₹24.98 करोड़ की लागत से बना यह प्रोजेक्ट 'कैप्टिव कंजम्पशन' के लिए है, जिससे भविष्य में कंपनी अपने एनर्जी खर्चों को काफी कम करने की उम्मीद कर रही है।
आगे की राह
फिलहाल निवेशकों की नजर कंपनी के बढ़ते कर्ज पर है, क्योंकि नॉन-करंट बॉरोइंग्स बढ़कर ₹41.46 करोड़ हो गई हैं। कंपनी के कुल एसेट्स भी बढ़कर ₹185.18 करोड़ हो गए हैं, लेकिन अब देखना यह होगा कि क्या सोलर प्लांट से होने वाली बचत आने वाली तिमाहियों में बॉटम लाइन को पटरी पर ला पाती है या नहीं।
