Universal Autofoundry ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू तो **12%** बढ़कर **₹61.5 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी को **₹0.6 करोड़** का नेट लॉस उठाना पड़ा है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी के रेवेन्यू में साल-दर-साल 12% और तिमाही-दर-तिमाही 13% का उछाल देखा गया है, जो ₹61.5 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, मुनाफे की बात करें तो कंपनी को ₹0.6 करोड़ का नेट नुकसान हुआ है, जिससे H1 FY27 का कुल नुकसान ₹2.2 करोड़ हो गया है। इसके अलावा, EBITDA मार्जिन भी काफी दबाव में रहा और 3.1% पर सीमित रहा।
मार्जिन घटने की असली वजह
कंपनी अभी एक बदलाव के दौर से गुजर रही है। कच्चे माल (Raw material) की कीमतें बढ़ने से ग्रॉस मार्जिन में 250 bps की गिरावट आई है, जो अब 41.0% रह गया है। साथ ही, कंपनी ने चुरू में 4.8 MW का सोलर प्लांट लगाया है, जिससे डेप्रिसिएशन (Depreciation) का खर्च बढ़ा है। हालांकि, मैनेजमेंट का मानना है कि यह लंबी अवधि में ऊर्जा लागत को कम करने के लिए एक सही कदम है।
नई रणनीति: ट्रैक्टर सेगमेंट से किनारा
Universal Autofoundry अब ट्रैक्टर सेक्टर पर अपनी निर्भरता कम कर रही है, जहां से फिलहाल आधे से ज्यादा कमाई आती है। कंपनी का लक्ष्य अगले 3 से 5 साल में M&HCV, कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग सेक्टर से 75% रेवेन्यू हासिल करना है। साथ ही, एक्सपोर्ट रेवेन्यू को कुल कमाई का 15% तक ले जाने का प्लान है।
आगे का रास्ता
कंपनी ने FY27 में नई मशीनरी (VTL, Sinto, VMC) के लिए ₹6 करोड़ का निवेश तय किया है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी अपनी कैपेसिटी यूटिलाइजेशन को मौजूदा 57% से बढ़ाकर 65% तक कैसे ले जाती है और सोलर पावर का फायदा कब से दिखना शुरू होता है।
