Universal Autofoundry ने 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹3.34 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी मुनाफे में थी। हालांकि, कंपनी की कुल आय **10.11%** बढ़कर **₹213.50 करोड़** हो गई है।
Universal Autofoundry का मुनाफा घटा, आय में हुई बढ़ोतरी
Universal Autofoundry Ltd. ने 2025-26 के फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने इस दौरान ₹3.34 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹2.35 करोड़ के मुनाफे से बिल्कुल अलग है। वहीं, कंपनी की कुल आय 10.11% बढ़कर ₹213.50 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹193.89 करोड़ थी।
क्यों हुआ ये बदलाव?
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि उत्पादन लागत में बढ़ोतरी, बाजार में प्रतिस्पर्धा और कुछ ऑपरेशनल दिक्कतें इस लॉस की मुख्य वजह हैं। रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद, नेट प्रॉफिट मार्जिन 1.21% से घटकर (1.57)% हो जाना, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल खड़े करता है। इसके अलावा, कंपनी पूर्व प्रमोटरों से जुड़े कानूनी मामलों और लीडरशिप में बदलाव से भी जूझ रही है।
जानिए कंपनी की स्थिति
पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में, Universal Autofoundry ने ₹193.89 करोड़ की कुल आय पर ₹2.35 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी की कास्टिंग कैपेसिटी 42,000 MT/Year है और यह सोलर पावर में भी निवेश कर रही है।
आगे क्या?
कंपनी शेयरहोल्डर्स से ₹150 करोड़ तक का कर्ज लेने और ₹150 करोड़ तक की संपत्ति को मॉर्गेज करने की मंजूरी मांग रही है। यह कदम एक्सपेंशन और वर्किंग कैपिटल के लिए फंड की जरूरत को दिखाता है। कंपनी ने जुलाई 2025 में 3.6 MW का सोलर प्लांट चालू किया है और बिजली खर्च कम करने के लिए 6.5 MW का एक और बड़ा प्लांट लगाने की योजना बना रही है।
जोखिम पर एक नज़र
निवेशकों को पूर्व प्रमोटरों के साथ चल रहे कानूनी विवादों और ₹8,95,299 के कमर्शियल सूट पर नजर रखनी चाहिए। ऑडिटर ने यह भी नोट किया है कि इन्वेंटरी रिकॉर्ड एक्सेल में रखे जा रहे हैं, जो ऑडिट ट्रेल के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
आगे क्या ट्रैक करें
निवेशकों को कंपनी की मुनाफे में वापसी की क्षमता, कानूनी विवादों के समाधान और सोलर एनर्जी में निवेश के असर पर नजर रखनी चाहिए।
