Universal Autofoundry को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी पर Precision Autocastings ने MSMED एक्ट के तहत **₹3.56 करोड़** का दावा ठोका है। कंपनी ने यह भी स्वीकार किया है कि इस जानकारी को स्टॉक एक्सचेंज को बताने में उनसे चूक हुई थी, जिसके चलते रिपोर्टिंग में देरी हुई।
कानूनी विवाद की पूरी कहानी
Universal Autofoundry Ltd को 6 अक्टूबर, 2026 को Precision Autocastings Private Limited द्वारा दायर याचिका की जानकारी मिली थी। यह पूरा मामला पुरानी सप्लाई के बकाये भुगतान की रिकवरी से जुड़ा है, जो फिलहाल MSEFC, जयपुर के पास लंबित है।
कंपनी की दोहरी चुनौती
शेयरधारकों के लिए यह स्थिति दोतरफा दबाव पैदा कर रही है:
- वित्तीय प्रभाव: अगर कंपनी यह केस हारती है, तो ₹3.56 करोड़ की यह राशि कंपनी की वर्किंग कैपिटल और लिक्विडिटी पर सीधा असर डाल सकती है।
- रेगुलेटरी चूक: कंपनी ने खुद माना है कि उन्होंने स्टॉक एक्सचेंज को इस बारे में समय रहते सूचना नहीं दी, जो कि रेगुलेशन 30 का उल्लंघन है। इससे मैनेजमेंट की आंतरिक रिपोर्टिंग और डिस्क्लोजर प्रोटोकॉल पर सवाल उठ रहे हैं।
आगे की राह
मैनेजमेंट का कहना है कि वे कानूनी विशेषज्ञों के साथ मामले की समीक्षा कर रहे हैं। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या कंपनी इस दावे का पूरी तरह भुगतान करेगी या कानूनी रूप से इसे चुनौती देगी। इसके अलावा, MSMED एक्ट के तहत फैसले में मूल राशि के साथ ब्याज (Interest) का बोझ भी जुड़ सकता है। भविष्य में MSEFC की अगली सुनवाई और कंपनी की कानूनी तैयारी पर निवेशकों को कड़ी नजर रखनी चाहिए।
