मुनाफे में आई जोरदार तेजी
United Van Der Horst Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹5.22 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹4.36 करोड़ की तुलना में 19.7% ज्यादा है। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 6.3% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹31.94 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹30.04 करोड़ था।
शेयरधारकों को मिला तोहफा
कंपनी के मुनाफे में हुई यह बढ़ोतरी रेवेन्यू ग्रोथ से ज्यादा है, जो कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार का संकेत देती है। इसके अलावा, कंपनी ने जनवरी 2026 में 1:5 का इक्विटी शेयर स्प्लिट भी पूरा किया है, जिससे शेयर का फेस वैल्यू ₹5 से घटाकर ₹1 कर दिया गया है। शेयरधारकों को खुश करने के लिए कंपनी ने दो अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किए हैं: अगस्त 2025 में ₹1 प्रति शेयर और फरवरी 2026 में ₹0.20 प्रति शेयर।
कंपनी की पृष्ठभूमि और भविष्य की चाल
यह कंपनी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज के क्षेत्र में काम करती है। शेयर स्प्लिट का मुख्य उद्देश्य स्टॉक की लिक्विडिटी बढ़ाना और इसे छोटे निवेशकों के लिए अधिक सुलभ बनाना है। डिविडेंड का ऐलान शेयरधारकों को वैल्यू रिटर्न करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शेयर स्प्लिट के बाद, प्रति शेयर डिविडेंड की राशि को एडजस्ट कर दिया जाएगा और निवेशक अब नए फेस वैल्यू वाले शेयरों में ट्रेड करेंगे। कंपनी की क्लीन ऑडिट ओपिनियन मजबूत वित्तीय रिपोर्टिंग का संकेत देती है।
ध्यान देने योग्य जोखिम
United Van Der Horst एक प्रॉपर्टी टैक्स विवाद में उलझी हुई है। यह मामला ₹0.76 करोड़ की मांग से जुड़ा है, जो कंपनी ने 50% भुगतान करने के बाद भी अदालत में चुनौती दी है। इस मुकदमे का नतीजा भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन पर असर डाल सकता है।
