Unison Metals ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर **₹498.66 करोड़** और नेट प्रॉफिट **₹7.27 करोड़** पहुंच गया है। कंपनी ने डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है ताकि कैश को बिजनेस में ही दोबारा लगाया जा सके।
मुनाफे में इजाफा, लेकिन डिविडेंड पर 'ब्रेक'
Unison Metals के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी दमदार रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹315.25 करोड़ से बढ़कर ₹498.66 करोड़ पर पहुंच गया है। साथ ही, नेट प्रॉफिट में भी उछाल देखने को मिला है, जो ₹4.42 करोड़ से बढ़कर ₹7.27 करोड़ हो गया है। कंपनी ने हाल ही में 1.36 करोड़ से ज्यादा शेयरों का राइट्स इश्यू और स्टॉक स्प्लिट भी पूरा किया है।
ऑर्डिटर की चिंता और रिस्क फैक्टर
कंपनी ने इस बार डिविडेंड न देने का फैसला लिया है, जिसका कारण वर्किंग कैपिटल और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर फोकस करना है। हालांकि, निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय ऑर्डिटर की रिपोर्ट में भी सामने आया है। ऑर्डिटर ने 'Chandanpani Enterprise' में किए गए ₹1.99 करोड़ के निवेश को लेकर 'Qualified Opinion' दिया है। उनका कहना है कि विदेशी इकाई के पास डेटा की कमी के कारण इस निवेश की सही वैल्यू (Fair Value) तय करना मुश्किल है।
अब आगे क्या?
कंपनी अपनी कैपिटल स्ट्रक्चर को लगातार बदल रही है। आने वाली 30 सितंबर, 2026 को कंपनी की 36वीं AGM (Annual General Meeting) होगी। इस मीटिंग में Unison Forgings Private Limited के साथ ₹100 करोड़ तक के बड़े ट्रांजेक्शन के प्रस्तावों पर शेयरधारकों की मुहर लगेगी। निवेशकों को कंपनी की इस एसेट वैल्यूएशन और रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।
