Uni Abex Alloy Products ने FY26 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹280 करोड़ की ज़मीन की बिक्री से हुए मुनाफे के दम पर ₹279.86 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। बोर्ड ने ₹100 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है और कैपेसिटी बढ़ाने के लिए ₹121 करोड़ के कैपेक्स को भी मंजूरी दी है।
Uni Abex Alloy Products का रिकॉर्ड प्रदर्शन
Uni Abex Alloy Products Ltd. ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जो कंपनी के लिए एक मील का पत्थर साबित हुए हैं। कंपनी ने ₹228.28 करोड़ की कुल आय पर ₹279.86 करोड़ का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है। इस शानदार प्रदर्शन में ठाणे स्थित अपनी प्रॉपर्टी (ज़मीन) की बिक्री से ₹273.53 करोड़ का असाधारण लाभ शामिल है, जिससे कुल ₹280 करोड़ की सकल प्राप्ति हुई।
निवेशकों के लिए खुशखबरी
इन नतीजों के चलते, वित्त वर्ष 26 के लिए कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) बढ़कर ₹1,417.02 हो गई है, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹169.99 की तुलना में एक बड़ी छलांग है। बोर्ड ने ₹100 प्रति इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू ₹10) के रिकॉर्ड डिविडेंड की सिफारिश की है। इसमें ₹40 का सामान्य डिविडेंड और ₹60 का स्पेशल डिविडेंड शामिल है, जो सीधे तौर पर ठाणे ज़मीन की बिक्री से जुड़ा है।
कंपनी की रणनीति और पिछला प्रदर्शन
'प्रोड्यूस टू एप्लीकेशन' की रणनीति पर चलते हुए, जो विशेष धातुकर्म समाधानों (specialized metallurgical solutions) पर केंद्रित है, कंपनी के परिचालन में वृद्धि देखी गई है। वित्त वर्ष 2024-25 में, Uni Abex ने ₹200.07 करोड़ की कुल आय और ₹33.57 करोड़ का PAT दर्ज किया था। कंपनी के EBITDA मार्जिन में भी सुधार हुआ है, जो वित्त वर्ष 25 में 25.5% से बढ़कर वित्त वर्ष 26 में 26.7% हो गया है। पेट्रोकेमिकल सेक्टर से मिली मांग ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।
भविष्य की योजनाएं
Uni Abex ने अपनी उत्पादन क्षमता और परिचालन दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से 'बे-3' (Bay-3) विस्तार परियोजना के लिए ₹121 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) को मंजूरी दी है। कंपनी के पास लगभग ₹77 करोड़ का रिकॉर्ड ऑर्डर बुक भी है, जिसमें हाल ही में MENA क्षेत्र में उर्वरक और पेट्रोलियम सेक्टर से बड़े ऑर्डर शामिल हैं।
जोखिम के पहलू
कंपनी के मैनेजमेंट ने मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों से संभावित जोखिमों के प्रति आगाह किया है, जिसका असर वैश्विक मांग और लॉजिस्टिक्स पर पड़ सकता है। इसके अलावा, कमोडिटी की कीमतों और कच्चे माल की लागत में उतार-चढ़ाव भी प्रमुख चिंताएं बनी हुई हैं, जिन पर कंपनी की नजर है।
आगे क्या देखें
निवेशक 'बे-3' विस्तार परियोजना की प्रगति और भविष्य की कमाई में इसके योगदान पर बारीकी से नजर रखेंगे। मौजूदा ऑर्डर बुक का निष्पादन और अस्थिर वैश्विक माहौल में कच्चे माल की लागत का रणनीतिक प्रबंधन भी महत्वपूर्ण होगा।
