Ultramarine & Pigments के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने वितीय वर्ष 2026 के लिए **300%** यानी **₹6** प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। साथ ही, कंपनी ने **₹775 करोड़** के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में **12%** की वृद्धि दर्ज की है।
डिविडेंड का बड़ा ऐलान
Ultramarine & Pigments के बोर्ड ने ₹2 फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयर पर ₹6 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह 300% का पेआउट है, जो शेयरधारकों को सीधे फायदा पहुंचाएगा। कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वितीय वर्ष के नतीजे घोषित किए हैं।
वितीय वर्ष 2026 के नतीजे
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹775 करोड़ (पिछले साल ₹695 करोड़ से 12% की वृद्धि)
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू: ₹707 करोड़ (पिछले साल ₹651 करोड़ से 9% की वृद्धि)
- कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): ₹81 करोड़ (पिछले साल ₹75 करोड़ से 8% की वृद्धि)
- स्टैंडअलोन PAT: ₹72 करोड़ (पिछले साल ₹70 करोड़ से 3% की वृद्धि)
नतीजों की अहमियत
कंपनी के नतीजों से पता चलता है कि बिक्री और बाजार की मांग बढ़ रही है, जिसका मुख्य कारण क्षमता विस्तार और प्रमुख सेगमेंट का प्रदर्शन है। हालांकि, रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में प्रॉफिट ग्रोथ थोड़ी कम है, जो इनपुट लागतों के दबाव का संकेत दे सकती है।
कंपनी की पिछली उपलब्धियां
वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान, कंपनी की सहायक कंपनियों का प्रदर्शन भी सकारात्मक रहा। इनऑर्गेनिक पिगमेंट्स से ₹74 करोड़ का रेवेन्यू मिला, जो 37% ज्यादा है। यह नायडूपाेटा में नई क्षमता के कारण संभव हुआ। सर्फेक्टेंट और स्पेशियलिटी सेगमेंट में 14% की बढ़ोतरी के साथ ₹489 करोड़ का रेवेन्यू आया। पवन ऊर्जा उत्पादन में भी सुधार हुआ, जिससे कुल खपत का 52% ग्रीन एनर्जी से पूरा हुआ।
आगे क्या?
डिविडेंड के प्रस्ताव को 22 जुलाई, 2026 को होने वाली एजीएम (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 14 जुलाई, 2026 तय की गई है। कंपनी की क्रेडिट रेटिंग स्थिर बनी हुई है, जिसमें ICRA ने अपनी लॉन्ग-टर्म रेटिंग [ICRA] A+ और शॉर्ट-टर्म रेटिंग [ICRA] A1+ की पुष्टि की है।
जोखिमों पर नजर
कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया है कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण पिगमेंट्स और सर्फेक्टेंट के इनपुट कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। सप्लाई चेन में आई इन दिक्कतों ने मार्जिन पर दबाव डाला है और यह आगे भी जारी रह सकता है। कंपनी को इस लागत की अस्थिरता को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना होगा।
आगे क्या देखें
निवेशक यह देखने के लिए उत्सुक रहेंगे कि Ultramarine & Pigments आने वाली तिमाहियों में इनपुट लागत के दबाव से कैसे निपटती है। कंपनी की लागतों को आगे बढ़ाने या परिचालन क्षमता में सुधार करने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। अमेरिका टैरिफ में कमी के कारण निर्यात की स्थिति में सुधार की संभावना भी एक महत्वपूर्ण कारक है जिस पर नजर रखी जाएगी।
