UltraTech Cement ने अपनी सप्लाई चेन को ग्रीन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने दिसंबर **2026** तक अपने बेड़े में **600** से अधिक हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक ट्रक शामिल करने का लक्ष्य रखा है।
ग्रीन लॉजिस्टिक्स की ओर बड़ा कदम
UltraTech Cement ने अपने सस्टेनेबल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को विस्तार देने का ऐलान किया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य कंपनी की कार्बन तीव्रता को कम करना है। कंपनी का अनुमान है कि इस कदम से हर साल 117,000 टन CO2 का उत्सर्जन कम होगा और लगभग 39 मिलियन लीटर डीजल की खपत बचेगी।
किन कंपनियों के साथ है करार?
कंपनी ने इस बड़े बदलाव के लिए कई दिग्गजों के साथ रणनीतिक अनुबंध किए हैं। इनमें Tata Motors, Ashok Leyland, IPLTech, Energy in Motion और Sany जैसी कंपनियां शामिल हैं। यह विस्तार गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और ओडिशा जैसे सात राज्यों में किया जाएगा।
क्या हैं चुनौतियां और रिस्क?
भले ही यह कदम पर्यावरण के लिए बेहतर है, लेकिन निवेशकों को ध्यान देना होगा कि रूरल प्लांट साइट्स पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और बैटरी टेक्नोलॉजी की ड्यूरेबिलिटी बड़ी चुनौतियां हो सकती हैं। साथ ही, हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक वाहनों का भारी शुरुआती कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। आने वाली तिमाही नतीजों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी का लॉजिस्टिक्स पर प्रति टन खर्च (Cost-per-tonne) किस तरह बदलता है।
