Uflex ने अपनी 37वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तारीख 29 जुलाई, 2026 तय की है। इस मीटिंग में शेयरधारकों से ₹3 प्रति इक्विटी शेयर डिविडेंड देने और NRI/OCI निवेशकों के लिए लिमिट 10% से बढ़ाकर 24% करने की मंजूरी मांगी जाएगी। साथ ही, कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी, रियल एस्टेट और आईटी जैसे नए क्षेत्रों में भी कदम रखेगी।
Uflex AGM: डिविडेंड, नई इन्वेस्टमेंट लिमिट और बिज़नेस विस्तार पर होगा फैसला
Uflex लिमिटेड ने अपनी 37वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के लिए 29 जुलाई, 2026 की तारीख तय की है। शेयरधारकों को कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर मुहर लगानी होगी, जिसमें कई अहम प्रस्ताव शामिल हैं।
क्या हैं मुख्य प्रस्ताव?
- डिविडेंड (Dividend): कंपनी ₹3.00 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड को मंजूरी के लिए रखेगी। यह फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए प्रस्तावित है।
- NRI/OCI इन्वेस्टमेंट लिमिट: नॉन-रेसिडेंट इंडियंस (NRIs) और ओवरसीज सिटीजंस ऑफ इंडिया (OCIs) के लिए कंपनी में इन्वेस्टमेंट की अधिकतम सीमा को मौजूदा 10% से बढ़ाकर 24% करने का प्रस्ताव है।
- नए बिजनेस सेक्टर: Uflex अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाना चाहती है। इसके लिए कंपनी शेयरधारकों से सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्शन, रियल एस्टेट डेवलपमेंट और आईटी सर्विसेज जैसे नए क्षेत्रों में कारोबार शुरू करने की मंजूरी मांगेगी।
क्यों अहम है ये AGM?
ये प्रस्ताव Uflex के लिए एक बड़ी स्ट्रेटेजिक शिफ्ट का संकेत देते हैं। रिन्यूएबल एनर्जी और आईटी जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टर्स में उतरने की योजना, कंपनी को अपने पारंपरिक पैकेजिंग बिजनेस से आगे ले जाएगी। इन्वेस्टमेंट लिमिट बढ़ाने से कंपनी को भविष्य में विस्तार के लिए ज्यादा कैपिटल जुटाने में मदद मिल सकती है। वहीं, प्रस्तावित डिविडेंड सीधे शेयरधारकों को फायदा पहुंचाएगा।
आगे क्या?
शेयरधारकों को AGM में इन प्रस्तावों पर अपना वोट देना होगा। अगर मंजूरी मिलती है, तो Uflex आधिकारिक तौर पर रिन्यूएबल एनर्जी, रियल एस्टेट और आईटी सर्विसेज में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी। इसके अलावा, कंपनी श्री परेश नाथ शर्मा को एक और पांच साल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त करने पर भी विचार करेगी।
जोखिम (Risks)
नए सेक्टर्स जैसे रिन्यूएबल एनर्जी और आईटी में उतरने के लिए भारी इन्वेस्टमेंट और विशेषज्ञता की जरूरत होगी। इन नए क्षेत्रों मेंCompetition और एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) अहम फैक्टर रहेंगे। निवेशकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनकी शेयरहोल्डिंग डीमैटेरियलाइज्ड (Dematerialized) हो और KYC कंप्लायंट (KYC Compliant) हो।
कब क्या हुआ?
- AGM की तारीख: 29 जुलाई, 2026
- प्रस्तावित डिविडेंड: ₹3.00 प्रति इक्विटी शेयर
- NRI/OCI इन्वेस्टमेंट लिमिट: 10% से 24% तक बढ़ाई जाएगी
- कॉस्ट ऑडिटर रेमुनरेशन (FY27): ₹0.26 करोड़ (₹26.25 लाख)
- इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की री-अपॉइंटमेंट: 11 फरवरी, 2027 से 10 फरवरी, 2032 तक
- IEPF ट्रांसफर्स (2025-26): 42,718 इक्विटी शेयर्स और ₹9,41,556 का अनपेड डिविडेंड।
