Q4 FY26 में कंपनी की शानदार वापसी
Udayshivakumar Infra Limited ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ₹13.35 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में दर्ज ₹4.79 करोड़ के शुद्ध घाटे से एक बड़ी और सकारात्मक वापसी है। कंपनी के लिए यह नतीजे उम्मीद से कहीं बेहतर रहे हैं।
ऑपरेशनल परफॉरमेंस में सुधार
Q4 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) ₹48.05 करोड़ रहा, जो Q3 FY26 के ₹47.41 करोड़ की तुलना में 1.35% अधिक है। मुनाफे में इस उछाल का एक बड़ा कारण EBITDA का ₹20.05 करोड़ तक पहुंचना है, जबकि Q3 FY26 में यह -₹2.50 करोड़ था। EBITDA में यह बड़ा सुधार कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) या बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट (Cost Management) की ओर इशारा करता है।
फंड जुटाने की तैयारी
कंपनी के बोर्ड ने प्रेफरेंशियल बेसिस पर कनवर्टिबल वारंट्स (Convertible Warrants) जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस कदम से कंपनी को अतिरिक्त पूंजी मिलने की उम्मीद है, जिससे उसके बिजनेस ग्रोथ और वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। कंपनी ने इसके लिए ₹45 करोड़ का फंड वर्किंग कैपिटल के लिए आवंटित किया है।
निवेशकों के लिए ध्यान रखने योग्य बातें
हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर बारीकी से नजर रखनी होगी। पहला, सरकारी विभागों से GST का बड़ा बकाया अभी भी मिलना बाकी है, जिसका मामला कर्नाटक हाईकोर्ट में चल रहा है। दूसरा, ऑडिटर्स (Auditors) ने ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables), पेएबल्स (Payables) और डिपॉजिट्स (Deposits) के लिए बैलेंस कन्फर्मेशन (Balance Confirmation) प्राप्त करने और उनका मिलान करने की प्रक्रिया जारी रहने की बात कही है। इन मुद्दों का भविष्य के वित्तीय नतीजों और कंपनी के कैश फ्लो पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या?
निवेशक अब कनवर्टिबल वारंट्स के इश्यू प्राइस (Issue Price) और कन्वर्जन रेशियो (Conversion Ratio) जैसी डिटेल्स पर नजर रखेंगे, क्योंकि इससे इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) हो सकता है। GST बकाया पर कानूनी प्रक्रिया की प्रगति और ऑडिट मिलान का पूरा होना, कंपनी की वित्तीय सेहत को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
