Udayshivakumar Infra ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए मुनाफे में वापसी की है। कंपनी ने **₹1.66 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, साथ ही भविष्य के लिए फंड जुटाने की तैयारी करते हुए ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को बढ़ाकर **₹72.50 करोड़** करने का प्रस्ताव रखा है।
मुनाफे की राह पर कंपनी
कंपनी ने अपनी 7वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में जानकारी दी है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में उसने ₹1.66 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि पिछले साल कंपनी को ₹7.21 करोड़ का नुकसान हुआ था। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू ₹289.13 करोड़ से घटकर ₹211.33 करोड़ पर आ गया है, लेकिन बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट के चलते EBITDA ₹17.81 करोड़ तक पहुंच गया है।
क्यों बढ़ रही है ऑथोराइज्ड कैपिटल?
बोर्ड ने ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को मौजूदा ₹56.50 करोड़ से बढ़ाकर ₹72.50 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह भविष्य में फंड जुटाने या कॉर्पोरेट रिस्ट्रक्चरिंग की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।
ऑर्डर बुक और चुनौतियां
फिलहाल कंपनी के पास ₹2,012.01 करोड़ की ऑर्डर बुक है, जिसमें कर्नाटक के 28 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इसमें से ₹595.86 करोड़ का काम पूरा हो चुका है, जबकि ₹1,416.15 करोड़ का काम अगले 12 से 24 महीनों में पूरा किया जाना है। कंपनी के मैनेजमेंट के अनुसार, पिछले रेवेन्यू में आई गिरावट की मुख्य वजह नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स में जमीन अधिग्रहण (land acquisition) की देरी थी।
रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शंस
कंपनी ने मशीनरी रेंटल, मैनपावर सप्लाई और सब-कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े कुछ ट्रांजेक्शंस पर शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है। मैनेजमेंट का कहना है कि ये सभी सौदे पारदर्शी और 'आर्म्स लेंथ' (arm's length) आधार पर किए गए हैं।
