Twamev Construction and Infrastructure Ltd के लिए FY26 का नतीजा बेहद निराशाजनक रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹55.61 करोड़** से घटकर महज **₹9.10 करोड़** रह गया है, साथ ही कंपनी ने मैनेजमेंट में बड़े बदलाव और रेगुलेटरी नियमों के उल्लंघन की जानकारी भी दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर गहरा असर
कंपनी की वित्तीय सेहत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू गिरकर ₹68.55 करोड़ रह गया है, जिसका सीधा असर बेसिक EPS पर पड़ा है, जो पिछले साल के ₹3.59 से गिरकर महज ₹0.60 पर आ गया है। इस कमजोर प्रदर्शन के कारण बोर्ड ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
रेगुलेटरी और ऑडिट संबंधी चिंताएं
कंपनी को ऑडिटर की तरफ से 'मॉडिफाइड ऑडिट ओपिनियन' मिला है, जो वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। इसके अलावा, NSE और BSE ने कंपनी पर मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग और बोर्ड कंपोजिशन के नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माना भी लगाया है। कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि XBRL फाइलिंग में देरी हुई है और मैनेजमेंट में हुए बदलावों की जानकारी एक्सचेंज को समय पर नहीं दी गई।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
कंपनी के भीतर टॉप लेवल पर काफी हलचल रही है। सीईओ Jasodeb Chakraborty और सीओओ Debajyoti Debnath ने इस्तीफा दे दिया है। अब Biswajit Chakraborty ने नए सीईओ के तौर पर जिम्मेदारी संभाली है। बोर्ड में भी फेरबदल हुआ है, जहां Independent Director Ramya Hariharan ने इस्तीफा दिया और Suparna Chakrabortti को नए Additional Independent Woman Director के रूप में नियुक्त किया गया है।
आगे क्या?
कंपनी अपनी 61वीं AGM 22 सितंबर, 2026 को आयोजित करेगी। निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या मैनेजमेंट इन रेगुलेटरी चुनौतियों को सुलझा पाएगा और कंपनी को ऑपरेशनल रूप से दोबारा पटरी पर ला पाएगा या नहीं।
