Tulsi Extrusions: **₹3.27 करोड़** का भारी घाटा, NCLT से मंजूरी का इंतज़ार

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Tulsi Extrusions: **₹3.27 करोड़** का भारी घाटा, NCLT से मंजूरी का इंतज़ार

Tulsi Extrusions ने दिसंबर तिमाही (FY26) में **₹3.27 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹9.05 करोड़** रहा। अब NCLT से कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग की मंजूरी का इंतज़ार है।

Tulsi Extrusions का Q3 FY26 का नतीजा: घाटे में कंपनी

Tulsi Extrusions Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (31 दिसंबर 2025 को समाप्त) के नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू ₹9.05 करोड़ रहा, जबकि इस तिमाही में कंपनी को ₹3.27 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ। इस दौरान कंपनी की ईपीएस (EPS) ₹(1.56) रही।

घाटे का सिलसिला जारी, NCLT से उम्मीद

यह पहली बार नहीं है जब कंपनी को घाटा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों में कंपनी को कुल ₹14.66 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3.23 करोड़ का घाटा हुआ था, जो इस बार भी लगभग वैसा ही है। कंपनी की कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग (Capital Restructuring) के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में एक एप्लीकेशन पेंडिंग है, जिसकी मंजूरी कंपनी के भविष्य के लिए बेहद अहम है।

पुरानी परेशानियों का असर

Tulsi Extrusions पिछले कुछ समय से बदलाव के दौर से गुजर रही है। दिसंबर 2021 में कंपनी इंसॉल्वेंसी और लिक्विडेशन की कार्यवाही से गुज़री थी। मैनेजमेंट का कहना है कि इन पुरानी प्रक्रियाओं की वजह से कुछ रेगुलेटरी फाइलिंग में देरी हुई है और कंपनी पुराने नियमों का पालन करने के लिए काम कर रही है।

आगे क्या?

कंपनी NCLT से नई इक्विटी शेयर्स जारी करने और मौजूदा शेयर कैपिटल को खत्म करने की मंजूरी का इंतज़ार कर रही है। जब तक यह मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर और पब्लिक शेयरहोल्डिंग पैटर्न को फाइनल नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर, सुश्री मुस्कान अग्रवाल ने 24 जून 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

मुख्य रिस्क

कंपनी के सामने सबसे बड़े रिस्क में लगातार हो रहे फाइनेंशियल लॉस शामिल हैं, जो ऑपरेशनल चुनौतियों का संकेत देते हैं। NCLT एप्लीकेशन का नतीजा भी एक बड़ी अनिश्चितता है। साथ ही, कंपनी को पुरानी रेगुलेटरी कंप्लायंस को रेगुलराइज़ करने की चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है।

तिमाही के आंकड़े

31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में रेवेन्यू ₹9.05 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹11.89 करोड़ से कम है। नेट लॉस ₹(3.27) करोड़ पर स्थिर रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹(3.23) करोड़ था।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए

निवेशकों को कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग के लिए NCLT एप्लीकेशन पर अपडेट और कंपनी की पुरानी रेगुलेटरी कंप्लायंस को ठीक करने की दिशा में प्रगति पर करीब से नज़र रखनी चाहिए। एक नए कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति भी महत्वपूर्ण होगी।

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