Triochem Products के मुनाफे में भारी उछाल, लेकिन असली खेल एसेट सेल का!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Triochem Products के मुनाफे में भारी उछाल, लेकिन असली खेल एसेट सेल का!
Overview

Triochem Products ने FY26 के लिए **₹7.97 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जिसका मुख्य कारण **₹11.16 करोड़** की एसेट बिक्री से हुआ फायदा है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू **17.67%** गिरा है और ऑपरेटिंग कैश फ्लो निगेटिव हो गया है, जो इसके मुख्य बिज़नेस के लिए चिंता का विषय है।

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Triochem Products का FY26 का नतीजा: एसेट बेचने से मिला बूस्ट

Triochem Products लिमिटेड ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹7.97 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹0.40 करोड़ के नेट लॉस से एक बड़ा बदलाव है। इस प्रॉफिट का बड़ा हिस्सा, यानी ₹11.16 करोड़, कंपनी की अचल संपत्तियों (immovable properties) और अन्य एसेट्स को बेचकर आया है।

असली तस्वीर क्या है?

यह प्रॉफिट भले ही शानदार दिख रहा हो, लेकिन यह पूरी तरह से एसेट बिक्री जैसे वन-टाइम इवेंट से आया है। कंपनी का मुख्य बिज़नेस अभी भी संघर्ष कर रहा है। इसके रेवेन्यू में 17.67% की गिरावट आई है और यह घटकर सिर्फ ₹0.8645 करोड़ रह गया है। इससे भी बड़ी चिंता की बात यह है कि ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से नेट कैश फ्लो निगेटिव होकर ₹-2.874 करोड़ हो गया है। इसका मतलब है कि कंपनी का कोर बिज़नेस खुद के लिए भी कैश नहीं बना पा रहा है।

कंपनी की कहानी

Triochem Products अपने मुख्य बिज़नेस, जिसे वे 'पर्सनल प्रेजेंटेशन और रिलेशनशिप बिल्डिंग' बताते हैं, में चुनौतियों का सामना कर रही है। मैनेजमेंट का कहना है कि कोविड-19 महामारी के असर के कारण बिज़नेस सिकुड़ गया है और उसे रिवाइव करना मुश्किल हो रहा है। कंपनी ने अपने नॉन-कोर एसेट्स को तीन किश्तों में बेचा है, जिसकी आखिरी किश्त 5 फरवरी 2026 को पूरी हुई।

आगे क्या?

कंपनी एसेट बिक्री से मिले पैसों का इस्तेमाल नए बिज़नेस वेंचर्स और स्ट्रेटेजिक इनिशिएटिव्स को फंड करने के लिए करने की योजना बना रही है। M/s. M. L. BHUWANIA AND CO LLP को FY 2026-27 के लिए इंटरनल ऑडिटर नियुक्त किया गया है और M/s. Kanu Doshi Associates LLP से ऑडिट की अनमोडिफाइड ओपिनियन (unmodified audit opinion) मिली है, जो कुछ हद तक फाइनेंशियल ओवरसाइट का आश्वासन देती है।

मुख्य जोखिम

सबसे बड़ा जोखिम यह है कि कोर बिज़नेस लगातार गिर रहा है और उसके रिवाइव होने की कोई तत्काल उम्मीद नहीं दिख रही है। एसेट बिक्री के एक-मुश्त फायदे के बिना प्रॉफिट की सस्टेनेबिलिटी पर सवाल बना हुआ है। निवेशकों को यह बारीकी से देखना होगा कि कंपनी इन पैसों का इस्तेमाल नए वेंचर्स में कितनी प्रभावी ढंग से करती है और क्या वे टिकाऊ रिटर्न जेनरेट कर पाते हैं।

नंबर्स क्या कहते हैं (FY26):

  • रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस: ₹0.8645 करोड़ (FY25 की तुलना में 17.67% कम)
  • नेट प्रॉफिट: ₹7.9707 करोड़ (FY25 में ₹-0.4001 करोड़ का लॉस था)
  • एसेट बिक्री से हुआ फायदा: ₹11.1665 करोड़
  • ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से नेट कैश: ₹-2.874 करोड़ (FY25 में ₹0.201 करोड़ पॉजिटिव था)

आगे क्या देखना है?

निवेशकों को नए बिज़नेस वेंचर्स से जुड़ी डिटेल्ड प्लान्स पर नजर रखनी चाहिए। इन पहलों में किसी भी तरह की प्रगति और कोर बिज़नेस ऑपरेशंस में संभावित सुधार प्रमुख मॉनिटरिंग फैक्टर होंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.